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ऐसे कैसे होगा नौनिहालों का इलाज?

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ऐसे कैसे होगा नौनिहालों का इलाज?
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत राजधानी दून समेत चार जिलों में खोले गए डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी से बच्चों के इलाज में भारी दिक्कतेें आ रही हैं। हालांकि आला विभागीय अफसरों का दावा है कि इन सेंटरों में बच्चों के इलाज में कोई दिक्कत नहीं है जबकि हकीकत यह है कि देहरादून को छोड़कर बाकी सेंटर में डॉक्टरों की भारी कमी है।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चोें को उच्च शल्य चिकित्सा समेत गंभीर रोगों के इलाज के लिए देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल व अल्मोड़ा जिले में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर खोले गए थे। प्रत्येक सेंटर में एक बाल रोग विशेषज्ञ, एक मेडिकल आफिसर, फिजियोथेरेपिस्ट, आडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थेरेपिस्ट, साइकोलॉजिस्ट, आप्टोमेट्रिस्ट, अर्ली इंटवेनसनिस्ट एंड सोशल वर्कर, दो लैब टेक्नीशियन, डेंटल टेक्नीशियन, मैनेजर व डाटा इंट्री आपरेटर समेत 12 डॉक्टरों व पैरामेडिकल की तैनाती का प्रावधान किया गया था। लेकिन देहरादून को छोड़ दें तो बाकी सेंटर में बाल रोग विशेषज्ञों को छोड़कर बाकी की भारी कमी है।
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अपर सचिव स्वास्थ्य व राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम के राज्य परियोजना निदेशक युगल किशोर पंत का कहना है कि देहरादून सेंटर में तो पर्याप्त डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ है। बाकी सेंटर में कुछ कमियां हैं जिन्हें दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।

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