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संसाधनों का अभाव भी नहीं रोक पाया होनहारों की राह

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ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
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प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले कई छात्र-छात्राओं ने इसे फिर सही साबित किया है। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सफलता की नई इबारत लिखी। बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने अपने परिवार का नाम रोशन किया है।
दिहाड़ी मजदूरी करने वाले गंगा सिंह के पुत्र अनिल ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 88 फीसदी अंक हासिल किए। किसी तरह परिवार का पालन-पोषण कर रहे गंगा सिंह अपने बेटे की इस सफलता से सातवें आसमान पर हैं। श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सुमननगर के छात्र अनिल ने बताया कि वह स्कूल के बाद घर पर भी कई घंटे पढ़ाई करते हैं। वह अपने परिवार को वह सब सुख और सुविधाएं देना चाहते हैं, जो परिजनों ने उनकी शिक्षा के लिए कुर्बान कर दिए।
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प्राइवेट स्कूल में छोटी-मोटी नौकरी करने वाले देवी सिंह के पुत्र विनीत ने इसी विद्यालय से पढ़ाई करते हुए 86 फीसदी अंक हासिल किए। इंजीनियर बनने का सपना देखने वाले विनीत ने कहा कि उनके परिवार और शिक्षकों ने उन्हें हर कदम पर सहयोग किया। इसी का नतीजा है कि वह सफलता हासिल कर सके।
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एक को मेरिट में जगह
श्री गोवर्धन सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, सुमननगर के छात्र ऋषभ पोस्ती ने 12वीं की मेरिट लिस्ट में संयुक्त रूप से 23वां स्थान हासिल किया है। ऋषभ ने कुल 462 अंक हासिल किए। मूलत: रुद्रप्रयाग निवासी ऋषभ के हिंदी में 83, अंग्रेजी में 82, मैथ्स में 98, फिजिक्स में 99 और कैमिस्ट्री में 100 अंक हैं।
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रिजल्ट से तय होगा तबादला, पदोन्नति
परीक्षा परिणाम जारी करने के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि परिणाम की गहन समीक्षा की जाएगी। शिक्षकों के तबादलों और पदोन्नति के समय परिणाम को आधार बनाया जाएगा।
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