शनिवार को नैनीताल जिले के पीरूमदारा के हिम्मतपुर गांव के पास सड़क हादसे में मारे गए देहरादून के मां-बेटे और बहू की चिता एक साथ जली तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। खड़खड़ी श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में मृतक हिमांशु असवाल के भतीजे ने तीनों की चिताओं को मुखाग्नि दी।
मालूूम हो कि देहरादून के नत्थनपुर निवासी हिमांशु (32) उनकी मां सरोजबाला (50), पत्नी पूजा (30), दो साल का बेटा कार से अल्मोड़ा के गोलज्यू मंदिर जा रहे थे। शनिवार की सुबह रामनगर के पीरूमदारा के हिम्मतपुर गांव में कार पेड़ से टकरा गई। इस भीषण हादसे में हिमांशु, उनकी मां, पत्नी और कार चालक सूरज सैनी निवासी ज्वालापुर हरिद्वार की मौत हो गई थी। जबकि दो साल का बेटा घायल हो गया था। हिमांशु असवाल भारतीय जीवन बीमा निगम की लक्सर शाखा में सहायक प्रशासनिक अधिकारी और उनकी पत्नी पूजा हरिद्वार शाखा में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। रविवार को तीनों के शव अंतिम संस्कार के लिए खड़खड़ी घाट लाया गया। इस दौरान देहरादून से बड़ी संख्या में उनके परिचित यहां पहुंचे थे। इसके अलावा भारतीय जीवन बीमा निगम देहरादून और हरिद्वार के अधिकारी व कर्मचारी काफी संख्या में घाट पर पहले से मौजूद थे। जैसे ही मां-बेटे और बहू की चिता एक साथ जली तो कोई भी अपने आप को नहीं रोक सका। हर किसी की आंखें नम हो गई। इस अवसर पर एलआईसी के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक पीके सक्सेना, लक्सर शाखा प्रबंधक अमिता आनंद, देहरादून के सहायक शाखा प्रबंधक संजय कालड़ा, प्रशासनिक अधिकारी एनएम भारद्वाज, हरिद्वार के शाखा प्रबंधक चंद्रशेखर शर्मा, गोपाल शरण सिंह, जगदीश पांगती, जितेंद्र, भगवान सिंह बुटेला, डा. श्यामपुरी आदि ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।