ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए 27 मार्च को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की मांगों लेकर असंवेदनशील बनी हुई है, जिसके चलते उन्हें आंदोलन की राह अपनानी पड़ रही है।
शुक्रवार को महासंघ प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक गांधी रोड स्थित प्रांतीय कार्यालय में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय अध्यक्ष संतोष रावत ने कहा कि 16 फरवरी को प्रांतीय अधिवेशन में कर्मचारी समस्याओं का प्रस्ताव पारित हुआ था। संचालन करते हुए महासचिव रवि पचौरी ने कहा कि ने मुख्यमंत्री ने कर्मियों की समस्याओं पर जल्द वार्ता का आश्वासन दिया था। लेकिन आज तक उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव को मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा। 26 मार्च तक महासंघ को वार्ता के लिए न बुलाए जाने पर 27 मार्च को कर्मचारी गांधी पार्क में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर विरोध जताएंगे।
बैठक में गजेंद्र कपिल, एससी पंत, रमेश बिंजोला, रमेश नेगी, सूर्यप्रकाश राणाकोटी, हरदेव रावत, गिरीश नैथानी, गुरमीत सिंह, अजयकांत शर्मा, रविंद्र भगत, अशोक शर्मा, अरविंद पयाल समेत अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारियों ने राजकीय विभागों, सार्वजनिक निगमों, उपक्रमों व स्वायत्तशासी संस्थाओं के प्रबंध निदेशक व विभागाध्यक्ष से पिछले दस वर्षों की आर्थिक स्थिति पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही कार्मियों को यू हेल्थ की सुविधा अनुमन्य करने, पूर्व एसीपी बहाल करने, उपनल, बाहरी स्त्रोत, विशेष श्रेणी, पीटीसी कार्मिकों को प्रतिमाह 21 हजार रुपये वेतन देने, चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को तृृतीय एसीपी के मद में ग्रेड पे 4200 रुपये अनुमन्य करने समेत अन्य मांगें हैं।