ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रवेश एवं शुल्क निर्धारण समिति ने प्रदेश के दो कॉलेजों को बीते सत्र में निर्धारित से ज्यादा शुल्क वसूलने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही तय किया गया है कि सूबे के दो डेंटल कॉलेजों में आगामी तीन वर्षों तक सात लाख नौ हजार रुपये शुल्क ही लिया जाएगा। बैठक में साफ किया गया कि कॉलेजों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शुक्रवार को सचिवालय में रिटायर्ड जस्टिस गुरमीत सिंह की अध्यक्षता में हुई प्रवेश एवं शुल्क नियामक समिति की बैठक में सबसे पहले डेंटल कॉलेजों की फीस का मामला उठा। सीमा डेंटल कॉलेज ने प्रस्ताव रखा कि वह शुल्क में बढ़ोतरी नहीं चाहते। लिहाजा, उन्हें अनुमति दे दी गई। उत्तरांचल डेंटल कॉलेज ने शुल्क वृद्धि का प्रस्ताव रखा, लेकिन अधूरा होने के कारण उसे रिजेक्ट कर दिया गया। तय हुआ कि सीमा डेंटल और उत्तरांचल डेंटल कॉलेज में सात लाख नौ हजार रुपये शुल्क आगामी तीन वर्षों तक जारी रहेगा।
इसके बाद देहरादून के एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज और हरिद्वार के पतंजलि आयुर्वेदिक कॉलेज में निर्धारित से ज्यादा शुल्क वसूलने का मामला उठा। दोनों कॉलेजों को समिति ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब नहीं देने पर दोनों कॉलेजों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में शामिल अपर मुख्य सचिव रणवीर सिंह ने बताया कि कॉलेजों की फीस पर मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य निदेशक डॉ.आशुतोष सयाना, डॉ.अंजू अग्रवाल सहित सभी सदस्य मौजूद रहे।