ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून।
सीबीआई कोर्ट ने पेंशन जारी करने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाए गए कैंट बोर्ड के अकाउंटेंट को चार साल के कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
कैंट बोर्ड के सफाई नायक रमेश चंद 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हुए थे। उनका आरोप था कि कैंट बोर्ड के अकाउंटेंट मेनपाल ने पेेंशन जारी करने के नाम पर 20 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। रमेश के बेटे सचिन ने सौदेबाजी कर सीबीआई को इसकी शिकायत की थी। सीबीआई ने अकाउंटेंट मेनपाल को 25 अगस्त 2014 को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। लोक अभियोजक अभिषेक अरोरा ने बताया कि इस मामले की सुनवाई सीबीआई की स्पेशल जज शादाब बानो की कोर्ट में हुई। अभियोजन की कहानी को साबित करने के लिए 15 गवाह प्रस्तुत किए गए। सीबीआई कोर्ट ने अकाउंटेंट को चार साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। बता दें कि सुनवाई के दौरान वादी सचिन को गोली लग गई थी। पुलिस अभी तक इस हमले की गुत्थी नहीं सुलझा सकी है।