ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने कहा कि अधिकारी पिछली आपदा से सबक लें और इस बार मजबूत प्रबंधन सुनिश्चित करें। डीएम ने मानसून से पहले आईआरएस (इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम) को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए। साथ ही सिंचाई विभाग को नदियों के किनारे पुस्ता निर्माण में तेजी लाने के आदेश दिए गए।
जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के अधिकारियों के साथ मानसून से पहले की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। जिला आपदा अधिकारी दीपशिखा रावत ने प्रोजेक्टर के माध्यम से आईआरएस की कार्यप्रणाली से अधिकारियों को बताया। इस दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि इस बार पिछली बार की अपेक्षा नुकसान को न्यूनतम करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए। यह तभी हो सकता है जब अभी से प्रबंधन में तेजी लाई जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि आईआरएस से जुड़े सभी अधिकारी आपसी समन्वय मजबूत बनाए रखेंगे और टीम भावना की तरह से काम करेंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन तथा आपातकालीन स्थिति के दौरान अपना पराया काम जैसा कोई विकल्प नहीं होता है। आपदा की तैयारियां जनपद की प्रकृति के तहत करनी होगी। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, मुख्य कोषाधिकारी नरेंद्र सिंह और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
सहायता केंद्र रहेगा देहरादून
जिलाधिकारी ने कहा कि देहरादून गढ़वाल और कुमाऊं के सभी जनपदों के लिए लॉजिस्टिक और अन्य प्रकार की सहायता का केंद्र बिंदु की तरह काम करेगा। सभी को अपनी तैयारी इसकी व्यापकता को देखते हुए करनी है। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपदा के दौरान अपने कार्य की प्रकृति के अनुसार प्लान बनाने के निर्देश दिए। खाद्य आपूर्ति विभाग को ईंधन आपूर्ति, पेयजल और फूड पैकेट वितरण की जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके अलावा चिकित्सा विभाग पर उसके आपदा के अनुरूप ही दवा वितरण, अस्पतालों को आरक्षित करना आदि की जिम्मेदारी है।