बड़ी बात यह है कि विवेचना में अब तक यह साफ नहीं हो पाया कि लूटे गए बैग में कितनी रकम थी। चारों आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद भी उनसे सच नहीं उगलवा सकी। इसी का सीधा फायदा आरोपी उठाने लगे हैं।
बता दें कि आईजी की सरकारी गाड़ी में सवार तीन पुलिसकर्मियाें ने चार अप्रैल की रात प्रॉपर्टी डीलर अनुरोध पंवार से आचार संहिता की आड़ में बैग छीन लिया था। इसमें मोटा कैश होने की बात बताई गई थी। लेकिन, पंवार साफतौर से यह नहीं बता पाए थे कि बैग में कितनी रकम थी। पंवार ने डालनवाला कोतवाली में लूट का मुकदमा दर्ज कराया था कि तीन अज्ञात पुलिसकर्मियों ने कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा के इशारे पर उसके साथ लूटपाट की है।
एसएसपी ने प्राथमिक जांच के बाद दारोगा दिनेश नेगी, कांस्टेबल हिमांशु उपाध्याय और मनोज अधिकारी को निलंबित कर दिया था। बाद में एसटीएफ ने साक्ष्यों के आधार पर निलंबित तीनों पुलिसकर्मियों के अलावा कांग्रेस नेता अनुपम शर्मा को जेल भेज दिया था। हालांकि एसटीएफ आरोपियों के पास से किसी तरह की बरामदगी नहीं कर पाई थी। आरोपी बैग में नगदी न होने की बात कहकर घटना को नया मोड़ देने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं।