15 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद
ब्यूरो/अमर उजाला
मसूरी। नगर क्षेत्र में खुशगवार मौसम के बीच मतदान शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। अधिकतर मतदान केंद्रों पर सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। एक मतदान केंद्र पर पार्टी एजेंटों के देरी से पहुंचने तो एक पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते मतदान देर से शुरू हुआ। शाम पांच बजे तक नगर क्षेत्र में मतदान प्रक्रिया पूर्ण हुई और टिहरी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ रहे 15 उम्मीदवारों के भाग्य ईवीएम में कैद हो गया।
किताबघर स्थित प्राइमरी पाठशाला में बने मतदान केंद्र में पार्टी एजेंटों के देरी से पहुंचने के कारण मतदान सवा सात बजे हुआ शुरू। वहीं आरएन भार्गव इंटर कॉलेज मतदान केंद्र में सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइन लगी रही। काफी देर तक लाइन में लगे मतदाता भड़क गए। उन्होंने कहा कि बूथ संख्या 86 में मतदान देरी से शुरू होने के बाद भी धीमी गति से चल रहा है।
कैलाश कुमार ने कहा कि वह करीब सात बजे मतदान केंद्र में पहुंच गए थे लेकिन सवा आठ बजे तक भी वे मतदान नहीं कर पाए। ऐसे में ड्यूटी पर पहुंचे में देरी हो गई। दूसरी और पोस्ट ऑफिस मतदान केंद्र में मशीन में तकनीकी खराबी के कारण 7.36 मिनट पर पहला वोट पड़ा। मतदाताओं ने बताया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट के पहुंचने पर दूसरी वोटिंग मशीन बदली गई उसके बाद मतदान शुरू हुआ।
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युवाओं में दिखा उत्साह
लंढौर स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज बूथ संख्या 88 में बच्चे को गोद में लिए अपने मत का प्रयोग करने पहुंची सुल्ताना ने कहा कि घर गृहस्थी के साथ उनकी लोकतंत्र में भागीदारी करना भी अहम जिम्मेदारी है। इसलिए वे मतदान केंद्र पहुंची हैं। हैप्पी वैली मतदान केंद्र में पहली बार अपने मत का प्रयोग करते हुए शिव ने कहा कि उन्होंने पहली बार मतदान किया है। मतदान करके बेहद खुश हो रही है।
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मतदान के समय बाजारों में सन्नाटा, शाम को बढ़ी रौनक
मतदान के चलते नगर के अधिकतर बाजार बंद होने के कारण स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से शाम तक बाजार बंद होने से माल रोड, लंढौर बाजार, किताब घर सहित अन्य बाजारों में रौनक गायब रही। मतदान समाप्त होने के बाद माल रोड पर रौनक आ गई।
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दिव्यांगों के लिए व्यवस्था के दावे हवाई साबित
मतदान केंद्रों में दिव्यांगजनों के लिए व्हील चेयर व रैंप आदि की व्यवस्था के दावे हवाई साबित हुए। किसी भी बूथ पर विकलांग मतदाताओं के लिए व्यवस्था नहीं की गई थी। नगर के अधिकतर मतदान केंद्र सड़क से काफी ऊपर या नीचे बनाए गए थे। ऐसे में कुछ बुजुर्ग व दिव्यांगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे ही बैसाखी के सहारे किताबघर मतदान केंद्र में पहुंचे सुरजन कंडारी को परेशानी का सामना करना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय अंग्रेजी लेखक दंपति ह्यू गेंजर व कोलीन गेंजर ने कहा कि उनका मतदान केंद्र कैमल बैक रोड स्थित राप्रावि किताबघर है, जो सड़क से करीब 100 मीटर नीचे है। 80 वर्षीय कोलीन ने कहा कि उनके घुटनों में दर्द रहता है। ऐसे में वे सीढ़ी पर चलने में असमर्थ है। इस कारण वे अपने मत का प्रयोग नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे सीनियर सिटीजनों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मतदान के बाद सैर सपाटा
मतदान के दिन सरकारी व गैरसरकारी संस्थानों में अवकाश के चलते अपने मत का प्रयोग करने के बाद बड़ी संख्या में युवा देहरादून से सैर सपाटा करने पहुंचे। देहरादून निजी कंपनी में कार्यरत मोहम्मद परवेज, अजय ठाकुर, सागर वर्मा आदि ने बताया कि वे मतदान करने के बाद अपने साथियों के साथ घूमने आए है।
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मतदान नहीं कर पाए रस्किन बांड
अंग्रेजी के प्रसिद्ध लेखक पद्मश्री व पद्मभूषण रस्किन बांड का इन दिनों स्वास्थ्य खराब चल रहा है, जिसके चलते वे अपने मतदान का प्रयोग नहीं कर पाए। रस्किन बांड को छावनी परिषद कार्यालय में बूथ संख्या 90 में आना था। इससे पहले शनिवार को उन्होंने कुलड़ी स्थित कैंब्रिज बुक डिपो में अपने प्रशंसकों से रूबरू होते हुए लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदान की अपील की थी।
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मतदान केंद्रों को ढूंढने में हुईं दिक्कतें
कई मतदाताओं को अपने मतदान केंद्रों को ढूंढने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अधिकतर मतदाता लिस्ट में अपना नाम ढूंढते दिखे, लेकिन उनका नाम उस लिस्ट से गायब रहा। बाद में पता चला कि इस बार उनका वोट किसी अन्य मतदान केंद्र में है। सूरत सिंह खरकाई ने बताया कि स्प्रिंग रोड भंडारी निवास क्षेत्र के लोगों का मतदान केंद्र पिछले चुनावों में वेवरली स्कूल में हुआ करता था। इस बार क्षेत्र से करीब दस किमी दूर बासागाड में कर दिया गया। खरकाई ने कहा कि मतदान केंद्र दूर होने के कारण इस क्षेत्र के अधिकतर मतदाता अपने मत का प्रयोग करने नहीं पहुंच सके।