ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। लोकतंत्र के महापर्व में रायपुर विधानसभा क्षेत्र में बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं और दिव्यांगों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा। संदेश दिया कि बेहतर और मजबूत राष्ट्र के लिए मतदान जरूरी है। सुबह सात बजे कई बूथों पर मतदाताओं की भीड़ उमड़ी। बुजुर्ग मतदाता जहां बच्चों और बेटियों के सहारे मतदान करने पहुंचे वहीं घर का चूल्हा चौका निपटाकर महिलाएं भी लोकतंत्र के इस महापर्व में शामिल होने पहुंची। ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाताओं ने फिर साबित किया कि वे लोकतंत्र के इस महापर्व में शहरी मतदाताओं से कतई पीछे नहीं है।
रायपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में सुबह मतदान थोड़ा धीमा रहा, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मतदाताओं की भीड़ बढ़ती गई। आंकड़ाें पर नजर डालें तो टिहरी संसदीय क्षेत्र के रायपु़र विधानसभा क्षेत्र में सुबह 11 बजे तक 28.5 फीसदी, दोपहर एक बजे 42.68 और दोपहर तीन बजे 51.30 फीसदी मतदान हुआ था। सुबह मतदान में तेजी आई। लेकिन जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया मतदाताओं का उत्साह कम देखने को मिला। रायपुर क्षेत्र के किद्दूवाला, रायपुर चौराहा, पित्थूवाला, राझांवाला जैसे इलाकों में मतदान को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा। बुजुर्ग मतदाता सुबह ही मतदान करने पहुंच गए, लेकिन महिलाएं घर का कामकाज निपटाने के बाद मतदान करने पहुंची। दोपहर में जब पारा चढ़ा तो एक बारगी मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसर गया। लेकिन, दोपहर साढ़ेे तीन बजे के बाद जैसे ही गर्मी का प्रभाव कुछ कम हुआ फिर मतदाता केंद्रों पर पहुंचे।
डालनवाला स्थित ब्राइटलैंड स्कूल में वैसाखी के सहारे मतदान करने पहुंचे संजय कालोनी निवासी बुटीक संचालक महेंद्र सिंह ने बताया कि यही तो लोकतंत्र की खूबसूरती है कि हम अपनी सरकार चुनने को स्वतंत्र हैं। बेटे की गैरमौजूदगी में बहू का हाथ थामे नेहरूग्राम स्थित श्री गुरु रामराय इंटर कालेज में मतदान करने पहुंचे 98 वर्षीय कृष्णानंद उपाध्याय ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान जरूरी है। बताया आजादी के बाद जितने भी चुनाव हुए हैं हमने सबमें मतदान किया है।