ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। विश्व क्षयरोग दिवस पर स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न संगठनों और संस्थाओं ने रैली निकालकर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया। संगोष्ठी में विशेषज्ञों ने क्षयरोग होने के कारण और इससे कैसे निजात पाई जा सकती है इसकी विस्तार से जानकारी दी।
रविवार को जिला क्षयरोग नियंत्रण समिति की ओर से गांधी पार्क से जागरूकता रैली निकाली। इसे यूथ रेड क्त्रसॅस समिति के चेयरमैन अनिल कुमार वर्मा और वरिष्ठ जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार पांडे ने रवाना किया। रैली में शामिल बच्चों ने पोस्टर और बैनर के माध्यम से शहरवासियों को क्षयरोग के कारणों व बचाव की जानकारी दी। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में एक संगोष्ठी आयोजित की। जिसमें स्कूली बच्चों, गैर सरकारी संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार पांडे ने कहा कि क्षयरोग भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए खतरा है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2016 में पूरी दुनिया में 28 लाख क्षयरोग पीड़ित मरीज चिह्नित किए गए थे। उनमें से 4,30000 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि यह बीमारी न फैल पाए, इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मौके पर एसीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार एसीएमओ डॉ. केके सिंह, मेजर प्रेमलता आदि उपस्थित रहे।
रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होनेे से जकड़ती है बीमारी
क्षयरोग दिवस पर इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल एसोसिएशन की ओर से जिला कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित की। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मुकेश चौहान ने कहा कि क्षयरोग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आने से होता है। यह बीमारी सिर्फ फेफड़ाें में ही नहीं बल्कि शरीर के कई अंगों में हो सकती है। इलेक्ट्रो होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में भी क्षय रोग का सफल इलाज है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने कहा क्षयरोग महामारी नहीं है। संगोष्ठी में डॉ. आदर्श शर्मा, डॉ. एनएस टाकुली, डॉ. कमलेश खंडूरी,डॉ. कैलाश बार्थवाल, डॉ. मुकेश चौहान, डॉ. गोपीकृष्ण, डॉ. सीपी रतूड़ी, डॉ. एसके द्विवेदी, डॉ. समीर यादव, डॉ. बीके सैनी, डॉ. राजेश सैनी आदि उपस्थित रहे।