ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
वन विभाग की कीमती जमीनों पर हुए कब्जों के बाबत वन निदेशालय का रुख गंभीर हो गया है। प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने सभी टाइगर रिजर्व के निदेशकों, प्रभागीय वनाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अपने इलाकों में हुए कब्जों को चिह्नित करने के साथ ही तत्काल हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।
वन विभाग के ही सर्वे के आंकड़ों पर नजर डालें तो विभाग की करीब 9500 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा है। इन जमीनों पर कब्जेदारों ने स्थायी व अस्थायी निर्माण भी कर लिए हैं। इन अवेध कब्जेदारों में आमजन के अलावा कई राजनीतिज्ञ व सफेदपोश भी शामिल हैं। वन विभाग ने कब्जा हटाने के लिए कई बार अभियान चलाया गया, लेकिन कब्जे स्थायी तौर पर हटाए नहीं जा सके। प्रमुख वन संरक्षक जयराज का कहना है कि वन विभाग की करीब 9500 हेक्टेयर जमीन पर कब्जे की बात संज्ञान में आयी है। इसके लिए सभी टाइगर रिजर्व के निदेशकों के अलावा प्रभागीय वनाधिकारियों को निर्देशित किया गया है। कब्जे हटाने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।