ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
सरकारी स्कूलों में चल रही अर्द्धवार्षिक परीक्षा के दौरान अल्मोड़ा, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में छात्र-छात्राओं को पुराने सिलेबस पर आधारित पेपर दे दिए गए। मामला सामने आते ही विभागीय अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और परीक्षा रोक दी गई। निदेशक आरके कुंवर ने गड़बड़ी के बाद तीनों जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
प्रदेश के विद्यालयों में इन दिनों अर्द्धवार्षिक परीक्षा चल रही है। अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत में जब छात्र-छात्राओं को प्रश्न पत्र बांटे गए तो छात्र दंग रह गए। प्रश्न पत्र में एनसीईआरटी के बजाय पुराने सिलेबस के प्रश्न पूछे गए थे। छात्रों ने इसकी शिकायत शिक्षकों से की। इसके बाद आनन-फानन में परीक्षाएं रोकनी पड़ीं। मामले की जानकारी निदेशालय तक पहुंचने पर निदेशक आरके कुंवर ने मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि तीनों जिलों के शिक्षा अधिकारियों को नोटिस भेजकर उनसे स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
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जिलों में ही छापे गए पेपर
अर्द्धवार्षिक परीक्षा के प्रश्न पत्र संबंधित जिलों में ही छपवाए गए थे। निदेशक आरके कुंवर ने बताया कि प्रथम दृष्टया इसमें समन्वयक की कमी और गोपनीयता बनाए रखने को बरती गई अतिरिक्त सावधानी की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि जिलों से प्रश्न पत्र छपने के लिए दिए गए। इसके बाद गोपनीयता की दृष्टि से छपे हुए प्रश्नपत्रों को सीधे स्कूलों तक भेज दिया गया।