ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
अंग्रेजों के जमाने के नक्शे से अतिक्रमण हटाने के लिए गठित टास्क फोर्स शहर में लाल निशान लगा रही है। सहस्त्रधारा के लोगों का आरोप है कि हाथ से बनाए गए पुराने नक्शों में अलग-अलग जगहों पर सड़क की चौड़ाई में अंतर है। उन्होेंने कहा कि इससे सड़क नक्शे में जहां चौड़ी है, वहां के लोगों को नुकसान हो रहा है।
सहस्त्रधारा रोड पर अतिक्रमण हटाओ अभियान का शुरुआत से ही नक्शे को लेकर विरोध हो रहा है। दरअसल, टास्क फोर्स आजादी के पहले बने नक्शे के आधार पर अतिक्रमण हटा रही है। उस समय नक्शे फुट या गज के हिसाब से बनाए जाते थे। जबकि टीम मीटर के आधार पर कार्रवाई कर रही है। लोगों का आरोप है कि इसके चलते अधिकतर मकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर लाल निशान लग चुके हैं या लगाए जा रहे हैं। स्थानीय निवासी अवनीश कुमार, पुष्पा क्षेत्री और शशांक आदि ने बताया कि इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है। इसके बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने गज के हिसाब अतिक्रमण पर निशान लगाने की मांग की है।
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अतिक्रमण हटाने के लिए शहर की सड़कों को चार जोन में बांटा गया है। ऐसे में बंदोबस्त के आधार पर वर्ष 1904, 1938 और 1992 में बने नक्शों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। -एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी
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21 को जारी हुए नोटिस
अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश नेे बताया कि सोमवार को अभियान के तहत 21 लोगों को अतिक्रमण का नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आवासीय भवनों में नियम विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।