उपनलकर्मियों के सुरक्षित भविष्य के लिए बने नीति
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। उपनल कर्मचारी महासंघ ने कर्मियों के सुरक्षित भविष्य के लिए नीति बनाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को 45 दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में नीति न बनने पर कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स मोर्चा के बैनर तले आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
शुक्रवार को महासंघ ने बैठक आयोजित कर रोटेशन पॉलिसी को समाप्त किए जाने पर खुशी जताई। अध्यक्षता करते हुए दीपक चौहान ने कहा कि अनुबंध के साथ पटल बदले जाने की व्यवस्था कर्मचारियों के खिलाफ थी। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर हजारों कर्मचारियों को राहत दी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में जारी किए गए पूरे शासनादेश को निरस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस जीओ को समाप्त कर कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के लिए नीति तैयार की जानी चाहिए।
प्रदेश महासचिव हेमंत रावत ने कहा कि कार्मिक, शिक्षक, आउटसोर्स मोर्चा ने नीति बनाने के लिए सरकार को 45 दिन का वक्त दिया है। तय समय में नीति तैयार कर हजारों उपनल कर्मचारियों के भविष्य को सुरक्षित नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन करेंगे। बैठक में प्रदेश कोषाध्यक्ष कुशाग्र जोशी, संरक्षक भावेश जगूड़ी, विनोद गोदियाल, विद्यासागर धस्माना, दिनेश रावत, महेश भट्ट आदि शामिल रहे।