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साहब! सत्यापन करा दो, छह माह से पेंशन रुकी हुई है

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साहब! सत्यापन करा दो, छह माह से पेंशन रुकी हुई है
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ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। साहब! बेटा नहीं है, बूढ़ी हूं, खाने के भी लाले हैं, पेंशन के सत्यापन के लिए छह माह से भटक रही हूं। कभी पटवारी नहीं मिलता तो कभी बाबू। साहब बस आप ही मालिक हैं, सत्यापन करा दीजिए, जिससे पेंशन मिल सकेगी। ईश्वर आपका भला करेगा। एसडीएम के सामने ऐसी ही फरियाद करती हुईं कईं बुजुर्ग महिलाएं मंगलवार को तहसील दिवस में दिखीं।
मंगलवार को तहसील सभागार में एसडीएम प्रत्यूष सिंह की अध्यक्षता में तहसील दिवस आयोजित किया गया। जिसमें सुबह से वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन का सत्यापन न होने की शिकायत लेकर पहुंचे। फरियादियों ने तहसीलदार से पेंशन सत्यापन कि गुहार लगाई। मच्छी बाजार से आई हेमलता ने बताया कि सत्यापन के लिए कई दिन से तहसील से चक्कर काट रही हूं लेकिन अधिकारी और कर्मचारी नहीं मिलते जिस कारण हर बार निराश होकर वापस जाना पड़ता है। आर्थिक स्थित ठीक न होने के कारण गुजारा मुश्किल हो रहा है। कांवली रोड से आई संतोष ने बताया कि उनके पिता को एक साल से वृद्धा पेंशन नहीं मिली है। ऐसे ही 69 फरियादियों ने अधिकारियों के सामने अपनी व्यथा बयां की। वहीं अधिकारियों सभी शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण करने का दावा किया है।
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घर-घर जाकर पेंशन के सत्यापन सत्यापन की खुल रही पोल
इस बार तहसील दिवस की खास बात ये रही कि इसमें केवल पेंशन सत्यापन कराने के फरियादी ही पहुंचे। ऐसे में घर-घर जाकर पेंशन का सत्यापन कराने के अधिकारियों के दावों की पोल तो खुल ही रही है, साथ ही तहसील दिवस में की जाने वाली शिकायतों के निस्तारण पर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायतों का निस्तारण होने से अधिकतर लोगों का अब इससे मोह भंग होने लगा है। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ऐसे कई मामले सामने आए थे जिनमें फरियादी कई बार समस्याएं लेकर तहसील दिवस में पहुंचे थे लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। एक मामले में तो फरियादी पांचवीं बार शिकायत लेकर पहुंचा था। ऐसे में अधिकारियों की कार्यप्रणाली और दावों की पोल खुल रही है।

नहीं सुधर रहे अधिकारी
डीएम के आदेशों के बाद भी अधिकारी सुधरने को तैयार नहीं हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में पुलिस विभाग, नगर निगम, नगर पालिका, परिवहन, वन विभाग, विकास विभाग, सूचना विभाग, एमडीडीए, शिक्षा विभाग, सिंचाई विभाग, भूमि संरक्षण, सैनिक कल्याण, पशु चिकित्सा, विद्युत विभाग, चिकित्सा विभाग, भूमि संरक्षण, बंदोबस्त विभाग सहित कई विभागों के अधिकारी नदारद रहे।
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ये रहे उपस्थित
राजस्व विभाग, उद्योग विभाग, जिला प्रोबेशन, सहकारिता, जिला आपूर्ति, उद्यान, आयुर्वेदिक एवं यूनानी, वन विभाग, कृषि विभाग, जल संस्थान, समाज कल्याण, खंड विकास अधिकारी रायपुर, लोक निर्माण विभाग, पेयजल विभाग, जिला पंचायत, नलकूप खंड, सेवायोजन, महिला बाल विकास आदि।
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कोट :
सभी अधिकारियों को तहसील दिवस में आना अनिवार्य है। आज जो अधिकारी नहीं आए हैं, उनके संबंध में जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है। उनके स्तर पर ही आगे की कार्रवाई होगी।
- प्रत्यूष सिंह, उप जिलाधिकारी सदर
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