ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र, कैबिनेट बैठक समेत अन्य आयोजनों में ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को ठहरने की व्यवस्था के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार गैरसैंण में उनके लिए अस्थायी बैरकों का निर्माण कराएगी। इसके लिए पुलिस मुख्यालय के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री और वित्त विभाग ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
गैरसैंण में आयोजित होने वाले विधानसभा सत्र के दौरान आठ सौ से एक हजार तक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगती है। आमतौर पर उनके ठहरने के लिए इंटर कॉलेज और टेंट में व्यवस्था की जाती है। कॉलेज में परीक्षा या अन्य आयोजन के चलते अक्सर पुलिस कर्मियों को ठहरने में दिक्कत होती है। इसके अलावा ठंड ज्यादा होने के कारण टेंट में भी पुलिसकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गैरसैंण में पुलिसकर्मियों के लिए बैरक निर्माण की मांग उठती रही है।
पुलिसकर्मियों के लिए शौचालयों की भी दिक्कत है। इस वर्ष बजट सत्र के दौरान पुलिसकर्मियों को खुले में शौच जाना पड़ा। इसके चलते स्थानीय लोगों ने विरोध भी जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके जल स्त्रोत एवं अन्य स्थान गंदे कर दिए हैं। इससे सबक लेेते हुए पुलिस मुख्यालय ने शासन को अस्थायी बैरक निर्माण का प्रस्ताव भेजा है। डीजीपी अनिल रतूड़ी ने बताया कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और वित्त विभाग ने भी प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति दे दी है।
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कोट--(फोटो के साथ)
गैरसैंण में पुलिसकर्मियों के लिए स्थायी बैरक बनाए जाने हैं, लेकिन उसमें दो से ढाई साल तक का समय लग जाएगा। लिहाजा अस्थायी बैरक का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। इससे ड्यूटी पर जाने वाले पुलिसकर्मियों को दिक्कतें नहीं होंगी।
-अनिल रतूड़ी, पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड