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घंटाघर से गूंजेगा गुड मॉर्निंग मसूरी

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ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
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पर्यटन नगरी की जनता और पर्यटकों को अब नवनिर्मित घंटाघर से गुड मॉर्निंग मसूरी की गूंज सुनाई देगी। घंटाघर में लगाया गया यह अलार्म रोजाना सुबह पांच, छह और सात बजे बजेगा। इसके अलावा घंटाघर के द्वितीय तल पर प्रसिद्ध लेखकों की पुस्तकों का संग्रहालय भी बनाया जाएगा।
मंगलवार को मसूरी में नवनिर्मित घंटाघर का लोकार्पण पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल और पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने किया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि मसूरी की जनता से किया गया उनका वादा आज पूरा हो गया। कहा कि घंटाघर के निर्माण में मसूरी की जनता और सभासदों का पूरा सहयोग मिला। कहा कि घंटाघर का निर्माण 80 लाख की लागत से कराया गया है। घंटाघर में चार घड़ियां लगाई गई हैं। इसके अलावा एक अलार्म लगाया गया है, जो सुबह पांच, छह और सात बजे गुड मॉर्निंग मसूरी की गूंज के साथ बजेगा। कहा कि घंटाघर के द्वितीय तल पर जल्द ही प्रसिद्ध अंग्रेजी लेखक रस्किन बांड, प्रसिद्ध अभिनेता और साहित्यकार स्वर्गीय टॉम ऑल्टर और अन्य लेखकों की किताबाें का संग्रहालय बनाया जाएगा। घंटाघर को देखने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
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पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला ने घंटाघर का निर्माण पूरा होने पर पालिका प्रशासन के कार्यों की तारीफ की। उन्होंने पालिका प्रशासन को वेलकम मसूरी का भी अलार्म लगाने का सुझाव दिया। इस दौरान पालिका के सभी ग्यारह सभासदों को स्वच्छता मिशन में उत्कृष्ट कार्य करने पर सोमवार को देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमाण-पत्र दिए गए। कम समय में घंटाघर का निर्माण कराने वाले ठेकेदार इकबाल अहमद की अतिथियों ने प्रशंसा की। इस मौके पर रजत अग्रवाल, सतीश ढ़ोंडियाल, संदीप साहनी, जगदीप कुकरेजा, सभासद बीना पंवार, विरेंद्र पंवार, जशबीर कौर, शिवानी भारती, रमेश भंडारी, विनोद सेमवाल रामप्रसाद कवि, गणेश सैली, मनोरंजन त्रिपाठी, भरोसी रावत, सुशील अग्रवाल, बीएस नेगी, जावेद खान आदि मौजूद रहे।
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टॉम ऑल्टर ने किया था अनशन
साल 1939 में बने घंटाघर को नया रूप देने को साल 2010 में तोड़ा गया। इससे दुखी बॉलीवुड अभिनेता स्वर्गीय टॉम ऑल्टर ने एक दिवसीय अनशन किया था। क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के दोस्त संजय नारंग पालिका के साथ मिलकर लंदन की तर्ज पर घंटाघर का निर्माण कराना चाहते थे, लेकिन किन्ही कारणों से ऐसा नहीं हो सका। पिछले साल फिर से इसका निर्माण शुरू हुआ और 80 लाख की लागत से अब जाकर निर्माण पूरा हो सका।
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घंटाघर देखने उमड़े पर्यटक
घंटाघर के शुभारंभ के मौके पर रात को घंटाघर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया। रात में घंटाघर का नजारा दर्शनीय था। घंटाघर के इस मनोरम नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक उमड़े।
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