डीएम के आदेश पर औद्योगिक क्षेत्र में जमीन बेचने की जांच शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। सेलाकुई स्थित निजी औद्योगिक क्षेत्र में ले आउट के अनुसार छोड़ी जमीन पर आवासीय भवन बना कर बेचने के मामले में जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन के आदेश पर कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच के लिए गठित संयुक्त समिति ने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। जल्द ही समिति रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
उत्तराखंड इंडस्ट्रीज वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश शर्मा ने मुख्यमंत्री से सेलाकुई फार्मासिटी के समीप प्राइवेट औद्योगिक क्षेत्र में प्ले आउट के अनुसार ग्रीन बेल्ट, पार्क, पार्किंग, शापिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर आदि के लिए छोड़ी जमीन पर आवासीय भवन बनाकर बेचने की शिकायत की थी। जिसमें कहा गया कि वर्ष 2008 में सेलाकुई में निजी औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया। इसका ले आउट प्लान राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (सीडा) ने तैयार किया लेकिन बाद में ले आउट प्लान के अनुसार खाली छोड़ी जमीन को बेच दिया गया। इस मामले में जिलाधिकारी एसए मुरुगेशन ने जिला समिति की बैठक में संयुक्त समिति गठित कर डिमार्केशन कर अनाधिकृत आवासीय व अन्य निर्माण कार्यों पर तत्काल रोकने के आदेश दिए। समिति में उप जिलाधिकारी, जिला उद्योग केंद्र, सीडा व साडा के अधिकारियों शामिल किया गया। समिति ने औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया। सीडा के चीफ आर्किटेक प्लानर वाईएस पुंडीर ने बताया कि प्राइवेट औद्योगिक क्षेत्र को विकसित करने वाला जमीन को बेच सकता है। लेकिन ले आउट के अनुसार पार्क व अन्य सुविधाओं के लिए छोड़ी जमीन नहीं बेच सकता। संयुक्त समिति ने भी औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण किया और ले आउट सही पाया गया।