गोपेश्वर (ब्यूरो)। नंदप्रयाग के समीप पहाड़ी से चीड़ का एक भारी-भरकम पेड़ टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर आ गिरा, जिससे यहां वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। बीआरओ ने यहां से पेड़ हटाने की कोशिश की लेकिन पेड़ को हटाया नहीं जा सका। वन निगम के अधिकारियों ने पेड़ को काटा और शाम सात बजे हाईवे खुल पाया। दो घंटे तक लगे इस जाम में तीर्थयात्री परेशान होते रहे।
बृहस्पतिवार शाम पांच बजे नंदप्रयाग के समीप चीड़ का एक भारी-भरकम पेड़ टूटकर बदरीनाथ हाईवे पर आ गिरा और जाम लग गया। नंदप्रयाग पुलिस चौकी की सूचना पर बीआरओ के अधिकारी और मजदूर मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से पेड़ को हटाने की कोशिश की, लेकिन पेड़ हटाया नहीं जा सका। पेड़ टूटने के आधा घंटे बाद बदरीनाथ वन प्रभाग के रेंजर मौके पर तो पहुंचे, लेकिन बिना संसाधनों के। ऐसे में बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय के कहने पर वन निगम के अधिकारियों को पेड़ काटने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया। तब जाकर साढ़े छह बजे से पेड़ काटने का काम शुरू हुआ और शाम सात बजे हाईवे खुल पाया। जाम के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे तीर्थयात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुपहिया वाहन से हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा पर जा रहे कई तीर्थयात्री पेड़ के नीचे से ही अपने वाहनों को दूसरे छोर लाए, तब जाकर वे यात्रा पर आगे बढ़े। हाईवे बंद होने से कई तीर्थयात्रियों का यात्रा शेड्यूल भी बिगड़ गया। जिन तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ, पांडुकेश्वर, गोविंदघाट और जोशीमठ में होटल की एडवांस बुकिंग की थी, वे देर शाम तक भी वहां नहीं पहुंच पाए।