गोपेश्वर (ब्यूरो)। चमोली जिले में आपदा से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिले में 16 आपदा रिस्पांस टीमों का गठन कर विभिन्न जगहों पर 78 आपदा रिलीफ कैंप चयनित किए गए हैं, जो आपदा के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने में मददगार होंगे। आपदा के दौरान संचार सेवा बाधित होने पर सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम को भी दुरुस्त कर लिया गया है। चमोली जिला राज्य में आपदा के लिहाज से संवेदनशील जिलों में सूचीबद्ध है। यहां प्रतिवर्ष आपदा से भारी नुकसान होता है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने जिले के सभी तहसीलों और ब्लॉक में फर्स्ट रिस्पांस टीमों का गठन किया है। जोशीमठ और घाट ब्लाक को आपदा की दृष्टि से अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। घाट ब्लॉक मुख्यालय पर फर्स्ट रिस्पांस टीम के साथ ही छह सदस्यीय आपदा प्रशिक्षित स्वयं सेवकों को भी तैनात किया गया है, जबकि जोशीमठ में बदरीनाथ, गोविंदघाट और घांघरिया में एसडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन की ओर से आपदा संभावित क्षेत्रों में 78 रिलीफ कैंप चयनित किए गए हैं। इनमें से बीस कैंप बदरीनाथ हाईवे पर हैं, जहां से आपदा के दौरान त्वरित राहत-बचाव कार्य संचालित होगा और प्रभावितों को इन कैंपों में शरण दी जाएगी। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत सदस्यों से भी आपदा के दौरान मदद ली जाएगी। ग्रामीणों को भारी बारिश और भूस्खलन वाले क्षेत्रों में हर वक्त सतर्क रहने के लिए कहा गया है। जिला, तहसील व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अपने मोबाइल हर वक्त ऑन रखने के निर्देश जिला प्रशासन की ओर से दिए गए हैं।