देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून में कुल 5054 लोग पूरी तरह निरक्षर हैं। इनके अलावा अन्य सभी लोगों को साक्षर बनाया जा चुका है। पांच सौ से अधिक लोगों को साक्षर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। उनके अलावा सिर्फ वही लोग अब निरक्षर हैं, जो शारीरिक रूप से अक्षम या कमजोर नहीं हैं।
कोरोना संकट के दौरान जिले में बड़ी संख्या में लोगों के निरक्षर होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने लोगों को साक्षर बनाने की कवायद शुरू की। उन्होंने डोर टू डोर सर्वे करने जा रही आंगनबाड़ी व आशा समेत अन्य कार्यकत्रियों को साक्षर लोगों का आंकड़ा भी एकत्र करने के निर्देश दिए।
सीडीओ नीतिका खंडेलवाल ने बताया कि चकराता, कालसी, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर, डोईवाला और नगर क्षेत्र में 35261 लोग निरक्षर मिले थे। इनमें से 30633 लोगों को प्रशिक्षण के बाद साक्षर बनाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 567 लोग विभिन्न केंद्रों पर प्रशिक्षण ले रहे हैं।
डोईवाला ब्लॉक की स्थिति बेहतर
देहरादून। सीडीओ नीतिका खंडेलवाल के अनुसार डोईवाला ब्लॉक में शत-प्रशित लोग साक्षर हो चुके हैं। ब्लॉक में 728 लोग निरक्षर थे। इसके अलावा चकराता में 4681 में से 3436, विकासनगर में 7314 में से 6831, सहसपुर में 5130 में से 4526, रायपुर में 4610 में से 3378, डोईवाला में सभी 728 और शहर में 1464 में से 1270 लोग साक्षर हो चुके हैं।