शहर से 500 शस्त्र लाइसेंस धारक गायब हैं। पुलिस सत्यापन में यह शस्त्र धारक निर्धारित पतों पर नहीं मिले। ना ही पुराने पतों से उनका नया पता तस्दीक हो पाया है। इस कारण विधानसभा चुनाव से पहले शस्त्र जमा कराने के लिए उन्हें पुलिस नोटिस तामिल नहीं करा सकी है। ऐसे शस्त्र धारकों को एक फरवरी तक संबंधित थानों से संपर्क साधने का समय दिया गया है। ऐसा न करने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी दी गई है।
राजधानी में छह हजार के करीब लाइसेंसी शस्त्र निर्गत हैं। पुलिस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लाइसेंसी शस्त्र जमा कराने को शस्त्र धारकों को नोटिस जारी किए थे। अब तक 3600 के करीब शस्त्र लाइसेंस थानों अथवा गन हाउस में जमा हो चुके हैं। कैंट, क्लेमेंटटाउन आर्मी क्षेत्र के अलावा बैंक गार्डों और फोरेस्ट के करीब 500 शस्त्रों को जमा न कराने की विशेष अनुमति दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक 500 के करीब ऐसे शस्त्र धारक पाए गए हैं, जिन्हें नोटिस तामिल नहीं हो पाए हैं। यह शस्त्र धारक अपने पतों पर नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार यह लोग काफी समय पहले दूसरे स्थानों पर चले गए थे। काफी माथापच्ची के बाद भी शस्त्र धारकों का नया पता उपलब्ध नहीं हो पाया।
कुछ के बारे में तो देहरादून छोड़कर बाहर रहने की सूचनाएं हैं। अब वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वीटी अग्रवाल ने ऐसे शस्त्र धारकों को एक फरवरी तक का समय दिया है। जो शस्त्र धारक शहर से बाहर हैं अथवा शहर में हैं, वह इस अवधि में पुलिस से संपर्क साधकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
पुराने पतों से गायब लाइसेंस शस्त्र धारकों को पक्ष रखने को एक फरवरी तक का समय दिया गया है। यदि वह संपर्क नहीं करते तो पुलिस उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराने को जिलाधिकारी को सामूहिक संस्तुति कर देगी। यही नहीं शस्त्र जब्त करने को कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- अजय सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर