केंद्रीय रेल मंत्री की ओर से सरकार को इसका आश्वासन मिला है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि फोर लेन सड़क का भी काम चल रहा है। श्रीनगर के हवाई, सड़क और रेल मार्ग की सुविधा से जुड़ने से फैकल्टी को कोई दिक्कत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सुमाड़ी के ग्रामीणों ने बिना शर्त एनआईटी के लिए अपनी 300 एकड़ जमीन निशुल्क दी है। इसके अलावा आईटीआई और रेशम विभाग की जमीन भी एनआईटी को दी गई है। पेयजल के लिए 23 से 24 करोड़ रुपये राज्य सरकार देगी। पांच करोड़ रुपये अवमुक्त किए जा चुके हैं।
आंतरिक सड़कों का निर्माण भी प्रदेश सरकार की ओर से किया जा रहा है। उच्च शिक्षा राज्य मंत्री ने यह बताया कि एनआईटी परिसर में केंद्रीय विद्यालय का भी निर्माण किया जाएगा। इसमें 50 फीसदी सीटें एनआईटी स्टाफ के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी। इतनी ही सीटों पर क्षेत्र के आस पास के बच्चे दाखिला पा सकेंगे।
आईटीआई और पालीटेक्निक के खाली भवन में चलेंगे डिग्री कालेज
उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में दस डिग्री कालेज किराए के भवन में चल रहे हैं। अधिकारियों को कहा गया है कि यदि किसी आईटीआई और पालीटेक्निक में बच्चे नहीं है और भवन खाली है तो इस भवन को डिग्री कालेजों को दिया जाए।