चौदह साल की सजा काट चुके कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर 48 और कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। अब हड़ताली कैदियों की संख्या बढ़कर 125 हो गई है। देहरादून में बैठे आला अधिकारियों की निगाहें भी हरिद्वार की जिला जेल पर लगी रही। सिटी मजिस्ट्रेट और सीओ सदर की बात भी हड़ताली कैदियों ने अनसुनी कर दी। हालांकि जेल अधीक्षक एसके सुखीजा ने बताया कि कैदियों से वार्ता की जा रही है।
सोमवार से जिला जेल में कैदियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। शुरुआत में कैदियों की संख्या 84 थी, जिनमें से सात कैदियों ने देर रात हड़ताल खत्म कर दी थी। इन सभी ने रात को खाना खाया। चार कैदियों को जेल के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले ही दिन कैदियों की हिम्मत जवाब देने की खबर पर जेल प्रशासन ने मान लिया था कि मंगलवार को भी हड़ताली कैदियों की संख्या में कमी आएगी लेकिन हुआ इसके उलट।
सुबह जब बैरक खोली गईं तो 77 हड़ताली कैदियों के समर्थन में एक-एक करके 48 और कैदी उतर आए। इन सभी कैदियों को भी जेल प्रशासन ने दूसरी बैरक में शिफ्ट कर दिया। अब कुल 125 कैदी भूख हड़ताल पर हैं। इधर, सिटी मजिस्ट्रेट जयभारत सिंह, सीओ सदर जेपी जुयाल ने जेल पहुंचकर हड़ताली कैदियों को समझाना चाहा लेकिन वे टस से मस नहीं हुए। अधिकारियों ने बताया कि उनकी बात शासन तक पहुंच चुकी है इसलिए हड़ताल पर रहना न्यायसंगत नहीं है।