कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज और सैंपलिंग में बेहतर कार्य करने पर केंद्र सरकार ने दून मेडिकल कॉलेज को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में नामित किया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. अनुराग अग्रवाल को दून मेडिकल कॉलेज का नोडल अधिकारी बनाया है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी की ओर से जारी आदेश के अनुसार केंद्र सरकार ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज को कोविड 19 क्लीनिकल मैनेजमेंट में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस घोषित किया है।
दून मेडिकल कालेज में कम समय में कोविड सैंपल जांच के लिए लैब स्थापित की गई और तेजी से सैंपलिंग की जा रही है। वहीं, कोरोना संक्रमित मरीजों को इलाज के बाद घर भेजने की परफॉरमेंस भी अच्छी रही है। मेडिकल कॉलेज के श्वसन औषधि विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराग अग्रवाल को नोडल अधिकारी नामित किया गया।
प्रदेश में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए सरकार का संस्थागत क्वारंटीन पर फोकस है। एक दिन के भीतर प्रदेश में 766 लोगों को संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। प्रदेश में वर्तमान में 11 हजार से अधिक लोग सरकार की ओर से की गई व्यवस्था में क्वारंटीन हो रखे हैं।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में संस्थागत क्वारंटीन किए गए लोगों की संख्या 11 हजार से अधिक पहुंच गई है। एक दिन के भीतर बाहरी राज्यों के रेड जोन से आए लोगों को अलग-अलग जिलों में संस्थागत क्वारंटीन किया गया है। 16 जून को प्रदेश में संस्थागत क्वारंटीन लोगों की संख्या 10409 थी। जो बुधवार को 11 हजार से अधिक हो गई है।
अपर सचिव युगल किशोर पंत का कहना है कि बाहरी राज्यों के रेड जोन से आने वाले लोगों को अनिवार्य रूप से सात दिन का संस्थागत क्वारंटीन में रहना है। सात दिन के बाद 14 दिन होम क्वारंटीन में रहना होगा।
एक महिला कार्मिक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद उत्तराखंड सचिवालय को सात दिन के लिए बंद करने की मांग जोर पकड़ सकती है। कोरोना संक्रमण को लेकर सचिवालयकर्मी पहले से ही दहशत में हैं।
पिछले दिनों उच्च शिक्षा अनुभाग और राज्य संपत्ति अनुभाग के दो कार्मिकों के परिजनों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद दोनों अनुभागों के कार्मिकों को क्वारंटीन कर दिया गया था। दोनों कार्मिकों को भी परीक्षण रिपोर्ट आने तक सचिवालय न आने की हिदायत दी गई थी। जानकारी के मुताबिक, इन्हीं में शामिल एक महिला समीक्षा अधिकारी, उनकी मां व बेटे की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। कुछ दिन पूर्व ही कोरोना से पीड़ित रहे उनके पिता की मौत हो चुकी है।
उधर, इस संबंध में काफी प्रयास के बाद भी सचिवालय प्रशासन विभाग से संपर्क नहीं हो सका। राज्य सचिवालय संघ के महासचिव राकेश जोशी ने कहा कि रात आठ बजे तक सचिवालय कार्मिक के संबंध में ऐसी कोई सूचना नहीं है। अलबत्ता उन्होंने कहा कि सचिवालय में कोरोना संक्रमण लेकर कर्मचारी बहुत सावधान और सतर्क हैं। जोशी के मुताबिक, बृहस्पतिवार को पूरी सूचना प्राप्त होने के बाद ही संघ आगे की रणनीति तय करेगा।
सचिवालय संघ के अध्यक्ष दीपक जोशी और महासचिव राकेश जोशी अपर मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) राधा रतूड़ी को पूर्व में ही सचिवालय को सात दिन तक बंद करने की मांग कर चुके हैं। सचिवालय कर्मी के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद संघ की ओर से सचिवालय प्रशासन पर सचिवालय बंद करने, सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत से घटाकर 33 प्रतिशत करने और सचिवालय का समय शाम चार बजे तक करने की मांग कर सकता है।
प्रदेश में अभी तक सात पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। जबकि कोरोना मरीजों के संपर्क में आए 589 पुलिस कर्मियों को क्वारंटीन किया गया। इनमें से 472 पुलिसकर्मी 14 दिन की अवधि पूरी करने के बाद ड्यूटी पर लौट आए हैं।
पुलिस महानिदेशक, अपराध और कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के उल्लंघन में 1954, मास्क न पहनने पर 10664, क्वारंटाइन का पालन न करने पर 594, सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर 211 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। आबकारी एक्ट में दर्ज 1243 मुकदमों में 1314 लोगों को पकड़ा गया। इसके अलावा चालान के रूप में चार करोड़ 28 लाख का राजस्व वसूला जा चुका है।