ब्यूरो/अमर उजाला।
देहरादून। महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य ने बृहस्पतिवार को बालिका निकेतन पहुंचकर किशोरी की संदिग्ध मौत पर नाराजगी जताई। साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट तलब की। उसके बाद बाथरूम का निरीक्षण कर कुंडी पर फंदा लगाकर किशोरी की खुदकुशी करने पर संशय जताया।
बुधवार शाम केदारपुरम स्थित बालिका निकेतन के बाथरूम में मिली किशोरी की लाश के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री रेखा आर्य निरीक्षण करने पहुंची। करीब दो घंटे तक उन्होंने निकेतन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होेंने मौजूद अधिकारियों की बैठक ली। उसके बाद उन्होंने किशोरी के कमरे में साथ रहने वाली बालिकाओं और काउंसलर से बात की। उन्होंने शौचालय का निरीक्षण करते हुए किशोरी की मौत के घटनाक्रम की जानकारी ली। उसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि निश्चित रूप से किशोरी की मौत की जो वजह स्टाफ की ओर से बताई जा रही है, उस पर संदेह है। इसलिए इस मामले की पहले निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उसके बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किशोरी एवं नारी निकेतन की व्यवस्थाओं को शीघ्र दुरुस्त किया जाए। यदि भविष्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने विभागीय जांच को प्रोबेशन निदेशक योगेंद्र यादव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित की है। समिति में सीडीओ मोहित चौधरी और डीपीओ मीना बिष्ट भी शामिल हैं। टीम तीन दिन में जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी। जांच में यह भी देखा जाएगा कि सूचना के बाद अधिकारी समय से पहुंचे या नहीं? एंबुलेंस बुलाने में देरी तो नहीं की गई? रिपोर्ट में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो एंबुलेंस तैनात करने के निर्देश
राज्यमंत्री रेखा आर्य ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक एंबुलेंस बालिका निकेतन और दूसरी नारी निकेतन में तैनात करने के निर्देश दिए। इनके लिए चालक 24 घंटे तैनात रहेंगे। उनके चालकों की खाने की व्यवस्था भी यहीं की जाएगी। आचार संहिता खत्म होने के बाद दोनों एंबुलेंस विभाग को मुहैया कराई जाएंगी। बता दें कि अब तक नारी निकेतन और बालिका निकेतन में विषम परिस्थितियाें को लेकर किसी तरह की एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। बुधवार रात बाथरूम में बेहोश मिली किशोरी को अस्पताल ले जाने में देरी हुई है।
...तो इसी संप्रेक्षण गृृह में क्याें होते हैं हादसे
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि यह बात समझ से परे है कि इसी संप्रेक्षण गृह में ही क्यों ज्यादा हादसे होते है? राज्य में उनके अन्य भी संप्रेक्षण गृह हैं। लेकिन, सभी घटनाएं यहीं क्यों हो रही हैं? यह मामला विचारणीय है। इस पर मंथन करते हुए जांच कराई जाएगी। ताकि भीतर की खामियों को सुधारा जा सके।
सहेली के पास जाना चाहती थी किशोरी
जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट ने बताया कि किशोरी को पहले नारी निकेतन में रखा गया था। उसकी उम्र 14 साल थी तो कोर्ट के आदेश पर उसे बालिका निकेतन में शिफ्ट किया गया था। नारी निकेतन में एक संवासिनी, किशोरी की दोस्त बन गई। इसलिए वह बार-बार खुद को नारी निकेतन शिफ्ट करने की मांग करती रही।