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छठ के रंग में रंगी द्रोणनगरी

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छठ व्रतियों ने चूल्हा चौका अलग कर बनाया भोजन, जगह जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन, खरना आज
छठ पर्व के चलते की गई घाटों की सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। नहाय खाय के साथ रविवार को छठ पर्व शुरू हो गया है। इससे पहले व्रतियों ने स्नान-ध्यान कर पवित्र चूल्हे की स्थापना की। व्रतियों ने लौकी, अरहर व चने की दाल के साथ पकाया भोजन कर छठ व्रत की शुरुआत की। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक व्रतियों ने छठ शुरू होने के साथ ही नमकयुक्त भोजन का परित्याग कर दिया है।
सोमवार को खरना मनाया जाएगा। व्रती दिनभर निर्जला उपवास रखने के बाद सायंकाल गुड़ और चावल की खीर ग्रहण करने के बाद खरना का व्रत रखा। इस भोजन के बाद बुधवार सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अन्न-जल ग्रहण किया जाएगा।
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दूसरी ओर छठ पर्व के मद्देनजर राजधानी के तमाम छठ घाटों पर सफाई का काम पूरा होने के साथ ही अधिकांश घाटों पर छठ मैय्या की स्थापना की जा चुकी है। पूर्वा सांस्कृतिक मंच के पदाधिकारियोें व सदस्यों ने छठ व्रतियों को छठ घाटों पर की व्यवस्था की जानकारी दी।
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पूर्वा सांस्कृतिक मंच की ओर से शहर के रायपुर, हरबंसवाला, नत्थनपुरा, मालदेवता, सिंघल मंडी समेत शहर के 14 घाटों पर सफाई व्यवस्था करने के बाद बिजली और पानी की व्यवस्था की। उसके बाद इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि वहां किसी प्रकार की गंदगी न फैलाई जाए। इसके लिए वालंटियर्स की तैनाती की है। रविवार को रायपुर, नत्थनपुरा जैसे घाटों पर मंच की ओर से छठ मैय्या की स्थापना की। नदी या पानी के बहते स्रोतों के किनारे ईंट व मिट्टी से छट मैय्या की स्थापना की जाती है। छठ मैया के इर्गगिर्द पूजा के निमित्त बनाए पकवान रखे जाते हैं और व्रती इनको साक्षी मानकर जल में उतरते हैं और सूर्य को अर्घ्य देते हैं। पूर्वा सांस्कृतिक मंच के महासचिव सुभाष झा ने बताया कि इस बार सभी घाटों पर सफाई के साथ बिजली, पानी समेत अन्य व्यवस्थाएं भी की गई है। जिन व्रतियों को छठ घाटों पर पहुंचने को कोई साधन नहीं होगा उन्हें मंच की और से वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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