एमएसवीएच प्रकरण में महिला मंच ने सरकार को घेरा
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
एमएसवीएच में छात्राओं से छेड़छाड़ और शारीरिक शोषण के खिलाफ उत्तराखंड महिला मंच ने शनिवार को विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर गांधी पार्क पर प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला मंच के पदाधिकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर सवाल भी उठाए।
उत्तराखंड महिला मंच के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं शनिवार को गांधी पार्क के मुख्य गेट पर एकत्र हुईं। इस मौके पर महिलाओं ने बीते दिनों में प्रदेश के अलग अलग स्थानों पर हुए महिला हिंसा के मामलों पर सवाल उठाए। महिला मंच की वरिष्ठ सदस्य भुवनेश्वरी कठैत ने कहा कि राज्य में बालिकाओं और महिलाओं से दुष्कर्म और असुरक्षा बड़ा मुद्दा है। राज्य और केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा के बाबत कारगर प्रयास नहीं कर पा रहा है। उन्होंने रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी और पौड़ी जिलों की घटनाओं के बाबत सरकार और प्रशासन की लचर कार्यशैली पर सवाल उठाए। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता जगमोहन मेंदीरत्ता, शकुंतला मुंडेपी, जगदीश कुकरेती, आरिफ खान, श्वेता राय तलवार, आभा जोशी, सरला रावत, पदमा गुप्ता, हेमलता नेगी, विमला पंवार, गीता गैरोला, शांता नेगी, कविता रावत, सुनीता नेगी, शांति सेमवाल, आशा जोशी, शकुंतला गुसाईं, निर्मला बिष्ट आदि मौजूद रहीं।
फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग
महिला संगठनों ने एमएसवीएच में छात्राओं के शारीरिक शोषण को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। महिलाओं का कहना कि इस मु्द्दे पर छात्राओं के बयानों को जांच के दायरे में नहीं लाया जा रहा है। इसके अलावा प्रदेश में महिला हिंसा के मामले निपटाने के बाबत फ ास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की जरूरत बताई। वहीं स्कूलों में छात्राओं को सेल्फ डिफेंस का प्रशिक्षण देने और अफ वाह फैलाने वालों को दंडित करने पर जोर दिया।
उधर, एमएसवीएच में आंदोलनकारी छात्रों ने सोमवार से भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है। छात्रों ने कहा कि अगर संस्थान के प्रभारी निदेशक ने उनकी मांगें पूरी नहीं की तो सोमवार से प्रदर्शन के साथ ही भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।