धनौरी। हजारा ग्रंट गांव को कोटमुरादनगर गांव से जोड़नेवाली पुलिया पिछले छह साल से क्षतिग्रस्त पड़ी है। 25 फुट की पुलिया क्षतिग्रस्त होने से 4 गांव के तकरीबन तीस हजार की आबादी को गांव पहुंचने के लिए तकरीबन तीन किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इस पुलिया की मरम्मत को शासन से मंजूरी का इंतजार है।
गन्ना विकास समिति की ओर से वर्ष 1980 में कोटा मुरादनगर एव हजारा ग्रंट को जोड़ने वाली पुलिया व रास्ते में खड़ंजा का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद इस पुलिया से गांव हजारा ग्रंट, इंदरगढ़, टीहरा टोंगिया, खाला टिहरा गांव को जोड़ा गया था। पुलिया का निर्माण होने से ग्रामीणों को लगा था कि अब लंबी दूरी नहीं तय करनी होगी। लेकिन पिछले 6 साल से ये पुलिया क्षतिग्रस्त है। अब ग्रामीणों को अतिरिक्त तीन किलोमीटर अधिक चलकर गांव जाना पड़ रहा है। ग्रामीण समरजीत, संजीत, अरविंद, कुर्बान, वाजिद, राहुल ने बताया कि पिछले 6 वर्षों से पुलिया क्षतिग्रस्त है, लेकिन आज तक भी पुलिया की सुध किसी ने नहीं ली। ग्रामीण राकेश चौधरी ने बताया इस पुलिया की मरम्मत के लिए कई वर्षों से जिला योजना व सांसद निधि के प्रस्ताव भेजे गए हैं। लेकिन अब तक भी इस मार्ग पर पुलिया के निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया अगर यह मार्ग चलने लायक बन जाए तो लोगों को राहत मिलेगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से क्षतिग्रस्त पुलिया की मरम्मत की मांग की है।
मोटर मार्ग का प्रस्ताव बनाकर शीघ्र ही उत्तराखंड शासन में प्रेषित किया जा रहा है। शासन से स्वीकृति मिलते ही काम शुरू करा दिया जाएगा।
-अरविंद सत्वारिया, सहायक अभियंता, लोक निर्माण विभाग, हरिद्वार