ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील पकाने का काम एनजीओ को सौंपे जाने के खिलाफ भोजन माताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ निदेशालय तक जुलूस निकाला। इससे पहले आयोजित अधिवेशन में भोजन माताओं को कामगार का दर्जा दिए जाने की मांग भी उठाई गई।
सोमवार को उत्तराखंड भोजन माता कामगार यूनियन का अधिवेशन जैन धर्मशाला में आयोजित किया गया। अधिवेशन में भोजन माताओं ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से मिड-डे मील पकाने का काम एनजीओ को सौंपे जाने का विरोध किया। अधिवेशन का शुभारंभ कर सीटू के जिला अध्यक्ष कृष्ण गुनियाल ने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मिड-डे मील योजना को एनजीओ को सौंपकर हजारों भोजन माताओं की रोजीरोटी छीनना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। अधिवेशन के दौरान भोजन माताओं ने ईएसआईसी का लाभ देने, भोजन माताओं को कामगार घोषित करने, भोजन माताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी बनाने और कल्याण कोष गठित करने जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद निदेशालय तक जुलूस निकालकर भोजन माताओं ने सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान सीटू के जिला महामंत्री लेखराज, रोशनी बिष्ट, मोनिका, रेखा राणा, अनीता वर्मा, सपना, मीना, जानकी आदि मौजूद रही। वहीं, अधिवेशन के दौरान चुनाव में रोशनी बिष्ट को संगठन का प्रदेश अध्यक्ष और मोनिका को महामंत्री निर्वाचित किया गया।