ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्ति में हो रही देरी से आक्रोशित शिक्षा मित्रों ने सोमवार को शिक्षा निदेशालय ननूरखेड़ा में धरना दिया। शिक्षा मित्रों ने सरकार और शासन स्थाई नौकरी देने की मांग की है।
शिक्षा मित्र क्रांतिकारी महासंघ के अध्यक्ष पूर्ण सिंह राकी अगुवाई में शिक्षा निदेशालय पहुंचे शिक्षा मित्रों ने सरकार और शासन पर उनके योगदान-योग्यता की अनदेखी का आरोप लगाया है। कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 और उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा सेवा नियमावली-2012 के प्रावधानों के तहत तमाम अर्हताएं पूरी करने के बावजूद शिक्षामित्रों को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। प्रदेश में 625 सहायक अध्यापक के रिक्त हैं और 200 शिक्षामित्र सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्त के सभी मानक पूरे करते हैं, लेकिन पिछले 10 माह से पत्रावली शासन और निदेशालय में लंबित है। इसके अलावा दो वर्षीय डीएलएड प्रशिक्षण एवं टीईटी व सीटीईटी प्रथम उत्तीर्ण करने वाले 200 शिक्षा मित्रों को भी नियुक्ति नहीं दी जा रही है। इस बाबत शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा जा चुका है, लेकिन इस दिशा में कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे को दोबारा ज्ञापन भेजकर शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक प्राथमिक के पदों पर नियुक्ति संबंधी शासनादेश करने की मांग की है। धरने में खजान सिंह चौहान, संदीप कुमार, वीरेंद्र सिंह चौहान, महावीर सिंह, कुंदन सिंह, दीपक, मीरा नौटियाल, पुष्पा राणा, प्रमिला तोमर, अनीता चौहान, अवधेश कुमार, माथुर चौहान, अशोक, विनोद समेत बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र शामिल रहे।