रेरा के आदेश पर रेरा अपीलीय प्राधिकरण लगाई रोक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से फ्लैट आवंटन के बाद कब्जा देने में देरी पर रीयल इस्टेट रेग्युलेटरी अथारिटी (रेरा) की ओर से जारी किए गए आदेश पर रेरा अपीलीय प्राधिकरण ने रोक लगा दी है। दो सदस्यीय खंडपीठ ने अपने फैसले में रेरा के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही एमडीडीए को आदेश दिया है वह प्रतिभूति के रूप में नौ लाख रुपये रेरा अपीलीय प्राधिकरण के बैंक खाते में जमा कराए। मामले की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।
एमडीडीए ने आईएसबीटी के पास स्थित आवासीय योजना में अभिमन्यु गुप्ता को आवास आवंटित किया था, लेकिन एमडीडीए की ओर से समय पर आवास नहीं मुहैया कराया गया। इस पर अभिमन्यु गुप्ता ने रेरा में अपील की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए रेरा की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि एमडीडीए अभिमन्यु गुप्ता की ओर से जमा कराई गई धनराशि को ब्याज सहित वापस वापस लौटाए।
रेरा के इस फैसले को एमडीडीए ने रेरा अपीलीय प्राधिकरण में चुनौती दी थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अपीलीय प्राधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी और डीके कोटिया की खंडपीठ ने मुकदमे की सुनवाई करते हुए रेरा के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। इतना ही प्राधिकरण ने एमडीडीए को निर्देशित किया है कि वह कुल धनराशि का 50 फीसदी (नौ लाख रुपये) प्रतिभूति के रूप में रेरा अपीलीय प्राधिकरण के बैंक खाते में जमा कराए। प्रकरण की अगली सुनवाई 15 जून को होगी।