फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अभियंताओं ने किया यूपीसीएल मुश् ख्यालय पर हंगामा, एमडी को घेरा

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
विज्ञापन

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड यूपीसीएल प्रबंधन द्वारा पदोन्नति किए गए अधिशासी अभियंताओं को दोबारा सहायक अभियंता बनाए जाने पर उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को मुख्यालय में जमकर हंगामा किया। आक्रोशित अभियंताओं ने प्रबंधक निदेशक का घेराव कर यूपीसीएल प्रबंधन पर मनमाने तरीके से कार्य करने का आरोप लगाया है। अभियंताओं ने शुक्रवार तक निर्णय नहीं लेने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

बता दें बीते दिनों यूपीसीएल प्रबंधन ने 2008-09 बैच के सहायक अभियंताओं को अधिशासी अभियंता में पदोन्नति दी थी, लेकिन इस बीच चर्चा है कि पदोन्नत अभियंताओं को पदावनत किया जा रहा है। इसी के विरोध में उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएन कोठियाल व केंद्रीय महासचिव जेसी पंत की अगुवाई में 50 से अधिक अभियंता बृहस्पतिवार को यूपीसीएल मुख्यालय पहुंच गए। अभियंताओं का आरोप है कि निगम प्रबंधन वर्ग भेद की नीति अपना रहा है। साल 2010-11 की सीधी भर्ती के सहायक अभियंताओं को नियम विरुद्ध तरीके से अधिशासी अभियंता के पद पर तैनाती की जा रही है। जबकि बाकी अभियंताओं की अनदेखी की जा रही है। उत्तराखंड पावर जूनियर इंजीनियर एसोसिएशन के अध्यक्ष जीएन कोठियाल के अनुसार सहायक अभियंताओं को अधिशासी अभियंता पर पदोन्नति दी गई है। उन्हें 2008 में बतौर सहायक अभियंता पदोन्नत किया गया था। आखिरकार 10 साल बाद दोबारा सहायक अभियंता बनाया जाना किस तरह उचित है। संगठन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि यूपीसीएल प्रबंधन अभियंताओं के दूसरे संगठनों के दबाव में काम कर रहा है। इसके चलते अधिशासी अभियंता को पदावनत करने की साजिश रची जा रही है। इस दौरान हंगामा बढ़ता देख प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने अभियंताओं को वार्ता के लिए बुलाया। प्रबंध निदेशक ने आश्वासन दिया कि प्रकरण में विधिक राय लेकर ही फैसला लिया जाएगा। इसके बाद अभियंता शांत हुए। वहीं अभियंताओं ने शुक्रवार तक अंतिम निर्णय नहीं लेने की स्थिति में कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें