मेयर की विदाई के दिन बखेड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून।
मेयर विनोद चमोली की विदाई के दिन बृहस्पतिवार को नगर निगम में जमकर हंगामा हुआ। चमोली को कई भाजपा नेता और कुछ पार्षद विदाई देने पहुंचे थे। इसी बीच संविदा पदों पर समायोजन की मांग को लेकर दर्जनों सफाईकर्मी भी मेयर कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। उनकी नारेबाजी से नाराज मेयर ने एक महिला सफाईकर्मी को डांट दिया। जिससे सफाईकर्मी भड़क गए और उन्होंने मेयर के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाद में मेयर से वार्ता के बाद वे शांत हुए। इस दौरान पुलिस भी मौजूद रही। मांग न माने जाने पर सफाईकर्मियों ने सात मई से बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है।
नगर निगम बोर्ड के कार्यकाल अंतिम दिन शाम को भाजपा प्रदेश मंत्री गामा और कुछ पार्षद मेयर विनोद चमोली से मिलने पहुंचे। इसी दौरान अखिल भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले मोहल्ला स्वच्छता समिति सफाई कर्मचारी भी निगम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने 22 नवंबर 2016 को जारी शासनादेश के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर 408 संविदा पदों पर समायोजित नहीं करने के विरोध में मेयर के कार्यालय से बाहर नारेबाजी शुरू कर दी। जिससे गुस्साए मेयर ने बाहर आकर एक महिला सफाईकर्मी को डांट लगा दी। इस बीच सफाईकर्मियों और मेयर के बीच तीखी नोक-झोंक हुई। आक्रोशित सफाईकर्मियों ने मेयर के कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। मामला बढ़ता देख मेयर चमोली और भाजपा प्रदेश मंत्री गामा ने सफाईकर्मियों के साथ वार्ता की।
करीब एक घंटे की वार्ता के बाद सफाईकर्मियों का आक्रोश शांत हुआ। इस दौरान सफाईकर्मियों ने कहा कि 18 महीने बाद भी उनका समायोजन नहीं हुआ है। उन्होंने दो दिनों में मांग पूरी नहीं होने पर सात मई से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में संगठन के महामंत्री धीरज भारती, राजेश कुमार, विशाल कुमार, छाया, बबली, सुमन, सरोज, राधा, संजय, पंकज, हरिओम, ओमप्रकाश, संजय काला, रवि कुमार, सुंदरलाल आदि मौजूद रहे।
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मेयर ने सिर्फ बयानबाजी की, काम नहीं : राजकुमार
पूर्व विधायक राजकुमार ने आरोप लगाते हुए कहा कि विनोद चमोली दो बार मेयर रहे, लेकिन उन्होंने केवल बयानबाजी की। काम के नाम पर कुछ भी नहीं किया। उन्हें महिला सफाईकर्मी की बात को सुनना चाहिए था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, जो जनप्रतिनिधि के रूप में उन्हें शोभा नहीं देता है।