ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
पदोन्नति, एसीपी, एरियर का भुगतान समेत सात सूत्री मांगों को लेकर पेयजल निगम कर्मचारी लामबंद हो गए है। कर्मचारियों ने 25 अप्रैल से आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। धरने और कार्य बहिष्कार के बाद भी मांगें पूरी न होने पर उन्होंने एक मई से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
सोमवार को उत्तराखंड पेयजल निगम कर्मचारी महासंघ की परेड ग्राउंड स्थित कार्यालय में बैठक हुई। जिसमें प्रांतीय अध्यक्ष प्रवीन सिंह रावत ने कहा कि मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी पद पर पदोन्नति, संगणकों की डीपीसी होने के बाद भी उनकी तैनाती के आदेश जारी करने, चतुर्थ श्रेणी मिनिस्ट्रियल स्टॉफ कर्मचारी की एसीपी और एरियर का भुगतान करने, चतुर्थ श्रेणी स्थायीकरण के आदेश जारी करने और पेंशन संबंधी सात सूत्री मांगों को लेकर कर्मचारी कई बार अफसरों से वार्ता कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। उन्होंने बताया कि मांगों को लेकर कर्मचारी 25 और 26 अप्रैल को दो घंटे का कार्य बहिष्कार, 27 और 28 को प्रदेश व्यापी कार्य बहिष्कार करेंगे। कहा कि उसके बाद भी मांगें पूरी न हुई तो एक मई से कर्मचारी प्रदेश भर में बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। बैठक में भगवती प्रसाद, शेखर जोशी, मुकुंदी सेमवाल, हेमंत, कुंदन सिंह, विजय प्रसाद खाली, लक्ष्मी सेठी, पंकज कुमार, नवीन थापा, धर्मेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।