छोलिया और झोड़ा नृत्य से दिखाई लोक संस्कृति की झलक
ब्यूरो/अमर उजाला
देहरादून। कुर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद की ओर से कुर्मांचल भवन जीएमएस रोड में आयोजित होली मिलन समारोह में होल्यारों की टीम ने होली गाई। छोलिया और झोड़ा नृत्य के जरिये कलाकारों ने उत्तराखंड की लोक संस्कृति की झलक दिखाई।
समारोह में परिषद के महासचिव चंद्रशेखर जोशी ने कहा कि एक महीने तक आयोजित होली के कार्यक्रमों का आज समापन हुआ है। पहली बार फाग खेलने की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी बैठकी एवं खड़ी होली अनोखे तरीके से मनाई जाती है। खड़ी होली के दिन खड़े होकर गाई जाती है। जबकि बैठकी होली में ठुमरी और खमाज गाए जाते हैं। हास्य की फुहारों, हंसी के ठहाकों और सुर लहरियों के साथ संस्कृति की इस विशिष्टता में नए रोचक और दिलकश रंग भरे जाते हैं। फाग खेलने वालों में डॉ. हरीश शाह, राजेश पांडे, संतोष कुमार, ललित मोहन जोशी, वंदना बिष्ट, वंशीधर जोशी, कमल रजवार आदि मौजूद रहे।