ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
सीवी रमन एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की दून शाखा को लेकर सोशल मीडिया में वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने डीजीपी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद पुलिस ने इंस्टीट्यूट से तीन छात्राआें के एक-एक लाख रुपये वापस करा दिए हैं। हालांकि दो छात्राओं ने रकम वापस लेने से इनकार कर दिया है। वहीं एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के दस्तावेजों की जांच करने को पुलिस टीम बिजनौर भेजी गई है।
पिथौरागढ़ क्षेत्र के मदन मोहन भट्ट ने सोशल मीडिया पर वीडियो डाला था। वीडियो में दून के सीवी रमन एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट पर मनमानी का आरोप लगाया गया था। मदन मोहन भट्ट के अनुसार उसकी बहन को इंस्टीट्यूट से एयर होस्टेस की जॉब के लिए बुलाया था। आगरा में परीक्षा हुई थी। इस दौरान काउंसिलिंग के बाद सीधे जॉब देने की बात कही गई। बाद में मैनेजमेंट ने जवाब दिया कि उनकी बहन काउंसिलिंग क्लीयर नहीं कर पाई है। चार माह की ट्रेनिंग के बाद एयर होस्टेस की बजाय टिकटिंग की नौकरी दी जाएगी। इस पर मदन मोहन भट्ट ने जमा किए गए एक लाख रुपये वापस मांगे, लेकिन एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट ने रुपये वापस करने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस वीडियो का संज्ञान लेकर पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी को जांच के आदेश दिए थे। डीजीपी के निर्देश पर डीआईजी पुष्पक ज्योति ने एसपी सिटी प्रदीप राय को जांच सौंपी थी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मदन की बहन के अलावा दो अन्य परीक्षार्थियाें की एक-एक लाख की रकम वापस कर दी गई, लेकिन दो अभ्यर्थियों ने रकम वापस लेने से इनकार कर दिया है। एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि सीवी रमन एयर होस्टेस ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की मुख्य कार्यालय बिजनौर में है। उप निरीक्षक विकास रावत की अगुवाई में टीम बिजनौर भेजी गई है।