ऊर्जा कर्मियों ने मोमबत्ती जलाकर जताया विरोध
ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून। पे-मैट्रिक्स (वेतन तालिका) और एसीपी (एश्योर्ड करियर प्लान) में बदलाव किए जाने के खिलाफ में ऊर्जा निगमों के कर्मियों ने मंगलवार की शाम ऊर्जा भवन पर मोमबत्ती जलाकर विरोध जताया। इस मौके पर कर्मियों ने एलान किया कि 26 दिसंबर को पिटकुल के मुख्यालय पर होने वाली सभा में निगम प्रबंधन के खिलाफ असहयोग आंदोलन की रणनीति का खुलासा कर दिया जाएगा। कर्मियों ने शासन को चेतावनी दी है कि किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो उसी वक्त जेल भरो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
ऊर्जा निगमों के कर्मियों को सातवें वेतनमान का लाभ देते हुए शासन ने उनके पे-मैट्रिक्स और एसीपी में बदलाव कर दिया है। निगमों के कर्मचारी इस बदलाव का विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि पे-मैट्रिक्स और एसीपी की पुरानी व्यवस्था जारी रहनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर तीनों ऊर्जा निगमों के कर्मी वर्क टू रूल (नियमानुसार कार्य) आंदोलन पर चल रहे हैं। इसको लेकर गठित विद्युत संघर्ष समिति ने पांच जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल का एलान कर रखा है। मंगलवार की शाम ऊर्जा निगमों के कर्मचारियों ने ऊर्जा भवन पर मोमबत्ती जलाकर यह संदेश देने की कोशिश कि शासन में बैठे कुछ अधिकारियों की हठधर्मिता से ऊर्जा प्रदेश मोमबत्ती युग की ओर अग्रसर हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि 26 दिसंबर को पिटकुल में आयोजित सभा में सहयोग आंदोलन शुरू करने का एलान किया जाएगा। इस मौके पर राकेश शर्मा, एमसी गुप्ता, अनिल मिश्रा, दीपक बेनीवाल, प्रदीप कंसल, नत्थू सिंह रवि, प्रदीप कंसल, सुधीर कुमार, संदीप शर्मा, पवन रावत, सोहन शर्मा, अवनीश गुप्ता, आशीष सती, रामकुमार, राजेश जोशी, संदीप पंवार, वीके जैन, कविता, हारून रसीद, विपिन कुमार, उमाशंकर, ममता बिष्ट, किशन सेमवाल और जतन सैनी अन्य कई कर्मचारी उपस्थित रहे।