श्रीनगर (ब्यूरो)। आंदोलनकारी अब शराब की दुकान के 200 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। मुंसिफ कोर्ट ने अगली सुनवाई तक धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। ठेका संचालक ने आंदोलनकारियों के खिलाफ मुंसिफ कोर्ट में वाद दायर किया था। वहीं आंदोलनकारियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस मिलने के बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा।
शराब दुकान संचालक जगमोहन नेगी ने मुंसिफ कोर्ट में 24 जून को वाद दायर कर दुकान के 500 मीटर के दायरे में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी। इस पर मुंसिफ कोर्ट ने अगली सुनवाई तक दुकान के समक्ष धरना प्रदर्शन करने पर रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई की तिथि 3 जुलाई नियत की है। रविवार को एसएसआई जितेंद्र चौहान कोर्ट का आदेश लेकर धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से धरना-प्रदर्शन समाप्त करने को कहा। इस पर आंदोलनकारी महिलाएं भड़क र्गइं। हालांकि, पुलिस की सख्ती पर मानव श्रृंखला बनाकर दुकान के सामने खड़ी महिलाएं हट गईं और पास में बने पंडाल में धरने पर बैठ गईं।
आंदोलनकारी समीर रतूड़ी, प्रेमबल्लभ नैथानी और सुरजी उनियाल का कहना था कि उन्हें कोर्ट से कोई आदेश की प्रति प्राप्त नहीं हुई है। जब तक हमारे पास कोर्ट के आदेश की प्रति नहीं पहुंच जाती, आंदोलन जारी रहेगा। कोर्ट का आदेश मिलने पर निर्णय लिया जाएगा।
भावुक होकर महिलाओं ने दी आत्मदाह की चेतावनी
श्रीनगर। धरनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जब कोर्ट के आदेश की बात कहकर महिलाओं को आंदोलन समाप्त करने के लिए कहा तो अधिकांश महिलाएं भावुक होकर रोने लगीं। महिलाओं ने कहा कि हम चार माह से शराब की दुकान बंद करने के लिए आंदोलनरत हैं। हम आत्मदाह कर लेंगे पर आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे।
आंदोलनकारियों और दुकान संचालकों में हुई धक्का-मुक्की
श्रीनगर। रविवार को शराब दुकान संचालकों और आंदोलनकारियों में धक्का-मुक्की भी हुई। इस दौरान महिलाओं ने शराब खरीदने आ रहे लोगों को भी धकेला। शराब विक्रेताओं की आंदोलनकारी समीर रतूड़ी व प्रवीण भंडारी से काफी नोकझोंक भी हुई।