खुफिया विभाग के साथ-साथ पुलिस ने भी पिरान कलियर समेत लक्सर, खानपुर, ज्वालापुर, हरिद्वार, मंगलौर और भगवानपुर समेत सभी स्थानों पर संदिग्धों की पड़ताल शुरू की थी। सूत्रों की मानें तो अकेले पिरान कलियर में ही खुफिया विभाग ने 150 से अधिक संदिग्ध नागरिकों की पहचान की है। जबकि, पिरान कलियर के अलावा जिले के देहात क्षेत्रों में करीब 250 संदिग्ध लोगों की लिस्ट तैयार की है।
हालांकि, प्रशासन के सामने परेशानी इस बात की है कि भिखारी और बाबाओं के भेष में रहने वाले ये लोग खुद को पश्चिम बंगाल और असम के रहने वाले बताते हैं। इनकी भाषा भी सीमा से सटे बांग्लादेश, अफगानिस्तान और अन्य प्रदेशों से मिलती जुलती है।
साथ ही इनका खानपान और वेशभूषा भी अलग है। लिहाजा इनकी स्पष्ट पहचान कर पाना संभव नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पुलिस ने पश्चिम बंगाल और असम सरकार से संपर्क साधा है। वहां के प्रशासन को संदिग्धों का विवरण भेजकर सत्यापन रिपोर्ट देने की मांग की है। सत्यापन रिपोर्ट आने के बाद यह तय हो पाएगा कि संदिग्ध माने जा रहे ये नागरिक कितना सच बोल रहे हैं।
पिछले कुछ माह में बड़े पैमाने पर सत्यापन कराया गया है। इसमें काफी संख्या में ऐसे संदिग्ध नागरिकों की पहचान हुई है, जिनकी भाषा अन्य देशों से मिलती जुलती है। इसके लिए पश्चिम बंगाल और असम आदि प्रदेशों में संपर्क साधकर जानकारी जुटाई जा रही है।
-कृष्ण कुमार वीके, एसएसपी हरिद्वार