साहिया क्षेत्र के काश्तकार पहले सूखा, फिर अतिवृष्टि के कहर से परेशान रहे। अब रही सही कसर फसलों में लग रहे कीट ने पूरी कर दी है। अरबी की फसल पर ‘लीफ कटर’ ने हमला कर दिया है, जिससे करीब चालीस फीसदी फसल बर्बाद होने के कगार पर है।
लीफ कटर कीट का प्रकोप
इन दिनों साहिया और आसपास के क्षेत्रों में अरबी की फसल में लीफ कटर कीट का प्रकोप चल रहा है। फसल बर्बाद होने से किसानों को नुकसान का डर सताने लगा है। कीट फसल के पत्तों को खाकर बर्बाद कर रहा है। जिससे पौधे में भोजन बनाने की प्रक्रिया धीरे-धीरे खत्म हो जाती है और पौधा सूख जाता है।
काश्तकार सुरेंद्र सिंह बिष्ट, पंचम सिंह, ज्ञान सिंह, शमशेर सिंह, बिशन सिंह, सरदार सिंह आदि का कहना है कि आपदा में कई बीघा फसल बर्बाद हो चुकी है और रही सही कसर अब कीट ने पूरी कर दी है। क्षेत्र के अलसी, सकनी, कनबुआ, ककाड़ी, कोठातारली, सुरेऊ, भंजरा, देऊ, डांडा, चंदऊ, खोई, समाल्टा, पानुवा समेत एक दर्जन गांव में अरबी की फसल में कीट का प्रकोप चल रहा है।
छिड़काव कर फसल को बचाया जा सकता है
उद्यान प्रभारी राम कुमार का कहना है कि मेलाथियम डाइक्लोवाट और लूमाक्रान कीटनाशक दवाइयों का 10-15 दिन में छिड़काव कर फसल को बचाया जा सकता है। कहा कि कीट के लगने पर फसल के आसपास खर-पतवार पैदा नहीं होने देना चाहिए। विभाग की एक टीम प्रभावित गांवों में जाकर दवाइयों का छिड़काव करेगी।