ऊधमसिंह नगर में खनन विभाग की टीम ने तीन स्टोन क्रशरों पर छापेमारी की। टीम ने तीनों क्रशरों पर मौजूद उपखनिज की पैमाइश की। जिसमें अवैध स्टाक व अवैध परिवहन पाया गया। इस पर उप निदेशक राजपाल लेघा ने तीनों क्रशरों पर 4.70 करोड़ रुपये के जुर्माने की संस्तुति की। डिप्टी डायरेक्टर लेघा ने बताया कि जुर्माना वसूली की रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएगी।
शुक्रवार को खनन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजपाल लेघा के नेतृत्व में टीम ने हल्दुआ गांव स्थित लक्ष्मी स्टोन क्रशर पर छापेमारी की। टीम ने क्रशर पर लगे उपखनिज के स्टॉक की पैमाइश की और अभिलेख चेक किए।
पैमाइश में 1.16 लाख घनमीटर उपखनिज का स्टॉक मिला, जबकि 1.13 लाख घनमीटर भंडारण की अनुमति है। इसके अलावा अभिलेखों में 1 लाख 48 हजार 300 घनमीटर उपखनिज स्टाक अंकित पाया। इस पर लेघा ने 35 हजार घन मीटर अधिक माल मिलने पर क्रशर मालिक पर अवैध स्टाक व अवैध परिवहन करने के एवज में तीन करोड़ दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
डीएम को देंगे जुर्माना वसूली की रिपोर्ट
पीलीभीत मार्ग पर गल्फार कंपनी के स्टोन क्रशर पर 1.31 लाख घनमीटर उपखनिज के भंडारण की अनुमति के एवज में 22 हजार घनमीटर उपखनिज मिला और 57 हजार घनमीटर उपखनिज अभिलेखों में दर्ज पाया। इस पर गल्फार कंपनी पर 1.58 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
भगवती स्टोन क्रशर पर एक लाख 14 हजार घनमीटर स्टाक की अनुमति थी और पैमाइश में 25 सौ घनमीटर अवैध स्टॉक मिलने पर दस लाख रुपये का जुर्माना ठोका।
डिप्टी डायरेक्टर लेघा ने कहा कि छापेमारी के दौरान डाले गए जुर्माने की वसूली की संस्तुति कर रिपोर्ट जिलाधिकारी डॉ. पंकज पांडेय को भेजी जाएगी। इस मौके पर आईएएस विनीत कुमार, सर्वेयर विनोद पांडे, जय प्रकाश, महेंद्र सिंह, प्रताप सिंह, मदन सिंह आदि थे।
क्या वसूल हो पाएगा करोड़ों का जुर्माना?
स्टोन क्रशरों के खिलाफ पूर्व में करोड़ों रुपये की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है लेकिन जिला प्रशासन द्वारा कभी भी क्रशरों पर डाली गई पेनाल्टी नहीं वसूली गई।
कागजी खानापूर्ति के लिए क्रशरों पर पड़ने वाली करोड़ों की पेनाल्टी को हजारों रुपये में परिवर्तित कर अवैध भंडारण करने वालों को लाभ पहुंचाया जाता रहा है। अब देखना यह है कि आज खनन विभाग की ओर से तीन स्टोन क्रशरों पर डाले गए 4.70 करोड़ जुर्माने की कार्रवाई अंजाम तक पहुंच पाती है या नहीं।