भाषण प्रतियोगिता में मौजूद शिक्षिकाएं एवं प्रतिभागी।
देहरादून। कश्मीर और अनुच्छेद 370 विषय पर बृहस्पतिवार को एमकेपी पीजी कॉलेज में अंतर महाविद्यालयीय प्रतियोगिता आयोजित हुई। इसमें ज्यादातर वक्ताओं ने अनुच्छेद 370 के मामले में बीते 70 देश को भ्रम में रखने की बात कही। वक्ताओं का कहना था कि यह अनुच्छेद अस्थाई था, जिसके विपक्ष में उस समय कश्मीर के भी कुछ सांसद थे। बावजूद इसके सात दशकों तक यह बना रहा। भाषण प्रतियोगिता में कुल 14 संस्थानों ने प्रतिभाग किया।
मुख्य वक्ता सुशील पंडित ने कहा कि हमें ये तो पढ़ाया जाता है कि हम कब हारे, लेकिन विजय गाथाओं के बारे में कम जानकारी दी जाती है। यही कारण है कि हमें आंक्रांताओं मुगलों की वंशावलियां तो याद हैं, लेकिन बप्पा रावल को नहीं जानते। प्रमुख वक्ता कश्मीरी एक्टिविस्ट विशिष्ट अतिथि निधि बहुगुणा ने पाक अधिकृत कश्मीर पर भाषण दिया। इसके बाद छात्रों ने अपने विचार रखे। इसमें प्रथम स्थान डीडब्ल्यूटी कॉलेज की आराधना गौड़, एमकेपी कॉलेज की अनीता ने दूसरा और डीबीएस कॉलेज की श्रेया शर्मा ने तृतीय स्थान हासिल किया। इस मौके पप कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सुनीता कुमार, जम्मू-कश्मीर अध्ययन केंद्र के कार्यक्रम अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी, डॉ. ममता सिंह आदि उपस्थित रहे। निर्णायक मंडल में स्पर्श गंगा कार्यकर्ता सुषमा और समाजसेवी मोना कौल शामिल रहीं।
पेसल वीड में भी हुई वाद विवाद प्रतियोगिता
देहरादून। प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन उत्तराखंड की ओर से 31वीं ऑल इंडिया इंटर स्कूल वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता का विषय भी कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना ही था। प्रतियोगिता में मार्डन स्कूल बाराखंबा नई दिल्ली प्रथम रहा। व्यक्तिगत विजेता मॉडर्न स्कूल के रोहनक थे। एशियन स्कूल के एविराज दूसरे और पेसल वीड के चाणक्य शर्मा तृतीय स्थान पर रहे। इस मौके पर डॉ. प्रेम कश्यप, मेजर जनरल शमी सभरवाल, आकाश कश्यप, राशि कश्यप आदि उपस्थित रहे।
कश्मीर और अनुच्छेद 370' विषय पर एमकेपी पीजी कॉलेज द्वारा आयोजित अंतरमहाविद्यालयी भाषण प्रतियोगित?