बनिया नाले से होन वाला भूस्खलन
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सरोवर नगरी के हरिनगर क्षेत्र में बलियानाले से लगे 32 मकानों को चिन्हित करते हुए इन्हें खतरनाक करार दिया है। प्रशासन ने इन घरों में रह रहे लोगों को दो दिन में मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों के साथ स्थानीय लोगों की नोकझोंक भी हुई।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) के वैज्ञानिकों ने बलियानाले से लगे क्षेत्रों का सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी। इसमें हरिनगर क्षेत्र के 55 मकानों को खतरे की जद में बताया था। जीएसआई की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने पिछले दिनों 24 मकानों को ध्वस्त करा वहां रह रहे लोगों को विस्थापित किया था। खतरे की जद में आ रहे अन्य मकानों को समय रहते खाली करने के निर्देश दिए थे। रविवार को एसडीएम विनोद कुमार अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खतरे की जद में आए 32 मकानों को चिन्हित करने पहुंचे। लोगों ने मकानों में नंबर डालने का विरोध किया।
विरोध के बीच टीम ने कुछ घरों पर नंबर तो डाले, लेकिन विरोध के बढ़ते स्वरों को देखते हुए सिर्फ सूची के अनुसार मकानों को चिन्हित किया। एसडीएम ने संबंधित लोगों से दो दिन में मकान खाली करने को कहा। नगर पालिका अध्यक्ष सचिन नेगी ने सोमवार को डीएम से वार्ता कर समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया है। इस मौके पर तहसीलदार भगवान सिंह चौहान, ईओ रोहिताश शर्मा, सीओ विजय थापा, पटवारी अमित साह, टीएस लता आर्या, एसआई मनोज नयाल सहित सभासद मौजूद रहे।
प्रशासन की टीम के लौटते ही लोगों ने नंबर मिटाए
खतरे की जद में आए 32 मकानों को चिन्हित कर नंबर डालने पहुंची प्रशासन की टीम ने कुछ घरों में नंबर डाले, लेकिन प्रशासनिक टीम के लौटते ही लोगों ने अपने घरों से नंबर मिटा दिए।
प्रशासन की सूची पर उठाए सवाल
हरिनगर क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन की ओर से सर्वे कर तैयार की गई मकानों की सूची पर भी सवाल उठाए हैं। प्रशासन की ओर से रविवार को की गई मकानों के चिन्हीकरण की कार्रवाई के दौरान लोगों ने उक्त सूची में खामियां होने की बात कही है।