ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
दुनिया की सबसे बड़ी कुरान 94 फीट लंबी और 20 फीट चौड़ी है। इसका वजन 25 कुंतल (2500 किलो) है। पवित्र माह रमजान के मौके पर टर्नर रोड स्थित तस्मिया एकेडमी में लगी प्रदर्शनी में सबसे छोटी और सबसे पुरानी कुरान आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। पवित्र पुस्तक के विभिन्न रूपों और कलाकारी को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
तस्मिया ऑल इंडिया एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय कुरान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्य अतिथि लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन के डायरेक्टर डॉ. संजीव चोपड़ा एवं विशिष्ट अतिथि एसजीआरआर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. पीपी ध्यानी ने किया। प्रदर्शनी की शुरुआत मिस्र से आए कारी शेख अब्दुल्लाह रागिब इब्राहीम एवं कारी अहमद महमूद उस्मान ने पवित्र कुरान की तिलावत से की। मुख्य अतिथि संजीव चोपड़ा ने कहा कि प्रदर्शनी में इंसानियत का पैगाम देती कुरान के अनेक रूप देखना अद्भुत है। कुरान सच्ची मार्गदर्शक है तथा भाईचारे का संदेश देती है।
अकादमी के मीडिया कोऑर्डिनेटर मुफ्ती वसीउल्लाह ने बताया कि वर्षों पहले डॉ. फारुख ने अपने वालिद (पिता) की जीवनी लिखते समय वालिद की कुरान को देखकर कुरान-ए-करीम का ऐसा शौक पैदा हुआ कि उन्होंने पूरा संग्रह ही बना डाला। डॉ. फारुख ने बताया कि पवित्र कुरान प्रदर्शनी का उद्देश्य यही है कि सभी समुदाय के लोग इस्लाम के पैगाम को जान सकें कि जात-बिरादरी जैसी संकीर्णताओं के लिए यहां कोई जगह नहीं है। पवित्र कुरान 1438 साल पहले नाजिल हुई थी और आज भी उसी तरह है जैसे तब थी। प्रदर्शनी में रखी गई दुनिया की सबसे छोटी कुरान 50 ग्राम वजन की है। इस अवसर पर डीआईजी मुख्तार मोहसिन, ब्रिगेडियर केजी बहल, पंकज गुप्ता, आरके बख्शी, डॉ. आरके सिंह, डॉ. आईपी सक्सेना, सैय्यद हारून अहमद, डॉ. सैय्यद फैसल अहमद, सैय्यद मोहम्मद यासर, मुफ्ती वसिउल्लाह, मुफ्ती जियाउलहक, जहांगीर अहमद आदि मौजूद रहे।
गढ़वाली और कुमाऊंनी समेत 47 भाषाओं में है कुरान
पवित्र कुरान को संदेश हर समाज के लोगों तक पहुंचाने के लिए देश और दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद किया गया है। प्रदर्शनी में उत्तराखंड की गढ़वाली और कुमाऊंनी समेत कन्नड़, मलयालम, गुरुमुखी, पंजाबी, उड़िया जैसी भारतीय भाषाओं के अलावा जापानी, टर्किश, चाइनीज, फिलिप, वियतनामी, आइसलैंडिक, पर्शियन, अंग्रेजी, मलेशियन, फ्रें च समेत 47 भाषाओं में कुरान मौजूद है। मुफ्ती वसीउल्लाह ने बताया कि कुरान में कोई तब्दीली नहीं की जा सकती है।