ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन ने नियमों की आड़ में स्कूल संचालकों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप ने बताया कि संघ ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय से मुलाकात के लिए समय मांगा है। वह सीएम और शिक्षा मंत्री से मिलकर अपना पक्ष रखेंगे।
कुछ दिन पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने सभी निजी विद्यालयों में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम की पुस्तकों के निरीक्षण के निर्देश दिए थे। उन्होंने एनसीईआरटी से इतर और किताबें लगाने वाले स्कूलों के खिलाफ मान्यता निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके लिए देहरादून जिले में डॉ. मुकुल सती को नोडल अफसर बनाया गया। डॉ. सती ने भी ब्लॉकवार अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी। इस पर निजी विद्यालय संचालकों ने सख्त नाराजगी जताई है। प्रिंसिपल प्रोग्रेसिव स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम कश्यप का कहना है कि सरकार निजी विद्यालयों पर मनमाने फैसले थोप रही है। स्कूल संचालकों में असुरक्षा का भाव पैदा हो रहा है। इन फैसलों से स्कूलों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसे हौव्वा न बनाया जाए।