ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
राज्य के 11.42 लाख बच्चाें को डायरिया से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 29 जुलाई से विशेष पखवाड़ा अभियान चलाने के निर्णय किया है। अभियान के दौरान बच्चों को ओआरएस पिलाने के साथ ही जिंक की गोलियां खिलाई जाएंगी। इसके अलावा राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त को एक से 19 साल तक के 42 लाख बच्चों को अलबेंडाजोल की गोलियां खिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
इस बाबत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के राज्य परियोजना (एनएचएम) निदेशक युगल किशोर पंत ने बुधवार को स्वास्थ्य महानिदेशालय में राज्य समन्वय समिति की बैठक ली। निदेशक पंत ने कहा कि देश में पांच साल तक के जितने बच्चों की मौत होती है उनमें से 10 फीसदी बच्चों की मौत का कारण डायरिया होता है। ऐसे में डायरिया से होने वाली मौतों के प्रति केंद्र व राज्य सरकार स्तर पर विशेष अभियान प्रस्तावित है। ऐसे में अभियान को दौरान कोई बच्चा छूट न जाए इसके लिए अभी से ही योजनाएं बना ली जाएं। राज्य के सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों के अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों को 29 जुलाई से लेकर नौ अगस्त के बीच में हर हाल में ओआरएस पिलाने के साथ जिंक की गोलियां खिलाई जाएं। इसके अलावा राज्य परियोजना निदेशक ने 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर राज्य के 42 लाख बच्चों को अलबेंडाजोल की गोलियां खिलाने के लक्ष्य के बाबत कार्ययोजना और अधिकारियों की जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के दिशा-निर्देश दिए। बैठक में एनएचएम निदेशक डॉ. अंजली नौटियाल, स्वास्थ्य निदेशक डॉ. डीसी पंत, एनएचएम राज्य प्रभारी डॉ. अमित शुक्ला, बाल विकास, पंचायतीराज, शिक्षा विभाग, भारत स्काउट एंड गाइड समेत तमाम विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।