ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
पटेल नगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर में रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। पहले दिन कथा वाचक आचार्य विनीत वत्सल ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा व्यक्ति को चिंतामुक्त रखती है। सुख-दुख और लाभ-हानि से ऊपर उठकर जो व्यक्ति दूसरों के लिए जीवन जीता है, उसके जीने का मार्ग ही सही है। भगवान की कथा में अमृत है और उसे भक्ति भाव से सुनना चाहिए।
श्री श्याम सुंदर मंदिर में रविवार को 35वां मूर्ति स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर मंदिर प्रांगण से श्री राधा-कृष्ण की सुंदर झांकी के साथ 108 महिलाओं ने सिर पर कलश रख मंगल कलश यात्रा निकाली। कथा व्यास आचार्य विनीत वत्सल के पावन सानिध्य में कलश यात्रा मंदिर से प्रारंभ होकर आसपास क्षेत्र का भ्रमण करती हुई वापस मंदिर में संपन्न हुई। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायक तजेंद्र हरजाई के साथ भूपेंद्र चड्डा, चंद्रमोहन आनंद, कपिल गोगिया और हेमा मकोल ने सुंदर भजनों पता नहीं कैसे लग जाती है खबर, श्याम चले आते है भक्तों के घर... काली कमली वाला मेरा यार है.... सांवरिया तेरे लिए मैने जोगन वेश बनाया... सबके संकट हरेगी मां बरसाने वाली, बजाओ राधा नाम की ताली... आदि भजनों पर भक्तों को खूब झूमाया।
इसके बाद शाम को मंदिर प्रांगण में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए कथा वाचक आचार्य विनीत वत्सल ने कहा कि पुरुषोत्तम मास की कथा सुनने से हजारों गुना फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि संस्कारों का जीवन में बहुत महत्व है। संस्कारों को जीवन में ढालने से इस भवसागर से पार उतरा जा सकता। समारोह का संचालन गोविंद मोहन और गौरव कोहली ने किया। इस अवसर पर श्री श्याम सुंदर मंदिर समिति के प्रधान अवतार मुनियाल, ओमप्रकाश सूरी, यशपाल मग्गो, नरेंद्र, भूपेंद्र चड्ढा, राज कालिया, मनोज सूरी, गोविंद मोहन, गौरव कोहली, प्रेम भाटिया, मधु साहनी, उर्मिला रावत, मिन्नी जायसवाल, वीरेंद्र कपूर मौजूद थे।