ब्यूरो/अमर उजाला/देहरादून।
फूड बिजनेस ऑपरेटर्स से जुड़े कारोबारियों को लाइसेंस जारी करने में हुई देरी पर संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने देहरादून और नैनीताल के तत्कालीन जिला अभिहित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है। यह कार्रवाई पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
बता दें, फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को लाइसेंस जारी करने में जिला अभिहित अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही बरतने की शिकायत पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) में दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि प्रावधानों के तहत फूड बिजनेस ऑपरेटर्स को दो महीने के भीतर लाइसेंस जारी करने का नियम है, लेकिन जिला अभिहित अधिकारियाें की हीलाहवाली से लाइसेंस जारी करने में सात-सात महीने का वक्त लग रहा है। इससे कारोबारियों को अनावश्यक भागदौड़ और परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है। इन शिकायतों का संज्ञान लेकर पीएमओ ने सीएजी (महालेखा परीक्षा) को जांच के आदेश दिए थे। सीएजी ने देश के कई शहरों के अलावा उत्तराखंड के दो जिलों देहरादून व नैनीताल में जांच की। जांच के दौरान बिजनेस ऑपरेटर्स को लाइसेंस जारी करने में जिला अभिहित अधिकारियों के स्तर पर लापरवाही सामने आई। सीएजी की रिपोर्ट के आधार पर संयुक्त खाद्य सुरक्षा आयुक्त युगल किशोर पंत ने नैनीताल व देहरादून के तत्कालीन जिला अभिहित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।